Rakshabandhan

Raksha Bandhan 2025: आज या कल, कब है शुभ मुहूर्त…

Raksha Bandhan 2025:

Raksha Bandhan 2025: रक्षाबंधन सनातन धर्म का एक ऐसा पर्व है, जिसमें भाई बहन को संबंधों की रक्षा का वचन देते हैं, इसे पर्व के रूप में मनाया जाता है. इस त्यौहार का नाम कहीं कहीं पर राखी भी बोला जाता है. इस त्यौहार के नाम से ही समझ आता है, कि ये शब्द पंजाबी के शब्द रक्षा का ही दूसरा रूप है.

किसी की रक्षा करने को पंजाब प्रान्त में राखी करना ही कहा जाता है. इसी तरह इस पर्व के दिन भी बहन अपनी रक्षा के लिए भाई की कलाई पर Rakhi 2025: रक्षा सूत्र बांधती हैं, और भाई उन्हें रक्षा का वचन देता है. इसे ही रक्षा बंधन Raksha Bandhan 2025: कहा जाता है. 

जिनसें हम अपनी रक्षा की उम्मीद करते हैं उन्हें हम ये रक्षा सूत्र Raksha Bandhan बांधते हैं. कुछ लोग मंदिर में जा कर अपने अपने इष्ट देव भगवान को भी रक्षा सूत्र Rakhi बांधते हैं, ताकि ईश्वर किसी भी रूप में उनकी रक्षा करें. रक्षा सूत्र को शुभ समय में बांधना बहुत जरुरी होता है. सनातन परम्पराओं में शुभ कार्य को करने से पहले मुहूर्त का विचार किया जाता है. 

Raksha Bandhan 2025: रक्षाबंधन कब करें..

हर साल की तरह इस साल भी रक्षाबंधन Raksha Bandhan के त्यौहार को लेकर बहुत चर्चा चल रहीं हैं. इस कोई 8 तारीख को राखी बता रहा है तो कोई 9 तारीख को बोल रहा है. ज्योतिषाचार्य Dr. Sumith बता रहें हैं, किस दिन मनाएं रक्षाबंधन का पर्व. 

श्रावण पूर्णिमा तथा रक्षाबंधन का पर्व इस वर्ष  9 अगस्त, 2025 शनिवार के दिन पड़ रहा है। ज्योतिष के अनुसार, कई सालों बाद ऐसा हुआ है कि इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा का साया नहीं है, जिस कारण रक्षाबंधन पर पूरे दिन कई शुभ मुहूर्त निकल रहे हैं. 

रक्षाबंधन का पर्व पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है, ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 5 प्रकार की तिथियाँ होती हैं, नंदा, भद्रा,ज्या, रिक्ता और पूर्णा. रिक्ता तिथि के अंत का काल और पूर्णा के शुरू का काल भद्रा काल माना जाता है. इसकी गणना दिन मान के अनुसार होती है. ये 6 से 12 घंटे का होता है. 

इस बार पूर्णिमा तिथि 8 अगस्त को दोपहर 2 बज कर 11 मिनट से शुरू हो जाएगी जो 9 अगस्त 2025 दोपहर 1 बज कर 24 मिनट तक रहेगी. इस लिए 9 अगस्त 2025 को सुबह से ही रक्षा बंधन के लिए शुभ समय रहेगा. 

हालांकि, ज्योतिषाचार्य Dr. Sumith बताते हैं कि रक्षाबंधन के दिन भले ही भद्रा न हो, लेकिन इस दिन डेढ़ घंटे का अशुभ मुहूर्त बन रहा है, जो राखी बांधने के लिए सही प्रतीत नहीं होता। ऐसे में आइये जानते हैं कि इस वर्ष रक्षा बंधन में दिन के किस समय में राखी न बांधें.

Raksha Bandhan 2025: रक्षाबंधन 2025 का मुहूर्त….

इस बार रक्षाबंधन 2025 के दिन सुबह से ही शुभ समय शुरु हो रहा है. आप दिन भर किसी भी समय रक्षा सूत्र बाँध सकते हैं. 

Raksha Bandhan 2025: रक्षाबंधन 2025 पर किस समय न बांधें राखी?

रक्षाबंधन Raksha Bandhan 2025: के दिन कई शुभ मुहूर्तों के बीच एक अशुभ मुहूर्त भी बन रहा है जिसके दौरान राखी बांधना नकारात्मकता को बढ़ा सकता है। यह अशुभ मुहूर्त और कोई नहीं, बल्कि राहु काल है।

रक्षाबंधन Raksha Bandhan 2025: के दिन राहु काल का समय सुबह 9:08 से शुरू होगा और इसका समापन सुबह 10:48 पर होगा। ऐसे में प्रयास करें कि राहु काल की मुक्ति होने के बाद ही राखी बांधें।

इसके अलावा, दोपहर 2:09 से 3:46 तक का समय भी सही नहीं है, क्योंकि इस दौरान यम घंट काल का योग बन  रहा हैं, और यह मुहूर्त मृत्यु के देवता यमराज से जुड़ा है। इस काल को ज्योतिषानुसार शुभ समय नहीं माना जाता है। अतः इसक काल में भी राखी बाँधना उचित नहीं है। इन अशुभ मुहूर्तों के अतिरिक्त पूरा दिन राखी बांधने के लिए बहुत शुभ रहेगा।

अगर आप इन दो अशुभ मुहूर्तों में राखी बांधते हैं तो ऐसे में इसका दुष्प्रभाव भाई बहन के रिश्ते पर पड़ेगा। राहु काल में राखी बांधने से भाई-बहन के रिश्ते में कड़वाहट आ सकती है। छोटी-छोटी बातों पर झगड़े और मनमुटाव बढ़ सकते हैं। भाई की तरक्की में कई प्रकार की रुकावटें आ सकती हैं। भाई-बहनों को कार्यों में असफलता, धन हानि या स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। भाई-बहन के जीवन में सुख समृद्धि और सौभाग्य रुक सकते हैं।

अगर आप अपने जीवन से जुडी किसी भी प्रकार की समस्या का समाधान चाहते हैं तो, Jyotishkundli.co.in पर जाएँ और अपनी अपॉइंटमेंट बुक करें. या हमें Whats app करें +91-9911419079 पर. 

ज्योतिषाचार्य Dr. Sumith की ओर से प्रार्थना है, कि आपका दिन शुभ हो🙏🏻💐

अपने आराध्य देव को प्रसन्न करने के लिए, करें चालीसा पाठ. दिन के अनुसार करें या मन के अनुसार.

दुर्गा चालीसा , गणेश चालीसा, हनुमान चालीसा, संतोषी चालीसा, शिव चालीसा, सूर्य चालीसा, शनि चालीसा, विष्णु चालीसा, गायत्री चालीसा, काली चालीसा, शारदा चालीसा, खाटू श्याम चालीसा, श्री राम चालीसा, श्री महालक्ष्मी चालीसा, बगलामुखी चालीसा, श्री गौरी चालीसा, वैष्णों चालीसा, भैरव चालीसा, श्री ललिता चालीसा, सरस्वती चालीसा, श्री परशुराम चालीसा.

1 thought on “Raksha Bandhan 2025: आज या कल, कब है शुभ मुहूर्त…

  1. आचार्य राकेश पोखरिया

    अति उत्तम गुरुजी हर हर महादेव 💐🚩

Comments are closed.