आज 6 मार्च 2025 का पञ्चांग, श्रीमद्भगवद्गीता जी के श्लोक ज्ञान सहित।
आज की तिथि (Aaj Ki Tithi):- फाल्गुन मास सप्तमी सुबह 10:50 तक बाद अष्टमी तिथि (शुक्ल पक्ष), युगाब्द 5126, विक्रमी संवंत 2081 तदनुसार 6 मार्च 2025, दिन गुरुवार।
आज का नक्षत्र – रोहिणी 24:04 तक.
आज का योग – विष्कुम्भ 20:28 तक.
आज का करण – वणिज 10:50 तक, बाद विष्टि 22:00 तक.
आज का शुभ मुहूर्त – 12:11 से 12:58 दोपहर तक.
आज का राहुकाल – 14:02 से 15:29 दोपहर तक.
आज का दिशा शूल – दक्षिण दिशा.
आज विष्णु जी करेंगे सभी मनोकामना पूरी.
विष्णु चालीसा सुनने के लिए लिंक को छुएं.
गीता ज्ञान (Geeta Gyan) दूसरा अध्याय श्लोक संख्या. 47.
कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन ।
मा कर्मफलहेतुर्भुर्मा ते संगोऽस्त्वकर्मणि ॥
व्याख्या-
तेरा कर्म करने में ही अधिकार है, उसके फलों में कभी नहीं। इसलिए तू कर्मों के फल हेतु मत हो तथा तेरी कर्म न करने में भी आसक्ति न हो॥
आज का सुविचार- गीता ज्ञान (Aaj ka suvichar) (Geeta Gyan):-
आज गीता ज्ञान में एक ऐसा विषय है जिसके विषय में हम सब जानते हैं. भगवान श्री कृष्ण ये ही बता रहे हैं की हमे कर्म करना है लेकिन फल प्राप्ति की कामना के लिए नहीं. अगर हम कर्म फल की आसक्ति छोड़ देते हैं तो बिना किसी भेद के कर्म कर लेते हैं. ये आसक्ति ही हमे कर्म बंधनों में बाँध कर रखती है. आसक्ति से विरक्ति ही मुक्ति का रास्ता है.
आपका दिन शुभ हो🙏🏻💐
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