aaj ki tithi

आज की तिथि: 4 जून 2025 का कैलेंडर: Aaj Ki Tithi..

Aaj Ki Tithi : आज की तिथि : 

आज की तिथि Aaj Ki Tithi के साथ जानिए आज का पंचांग. हिन्दू कैलेंडर में मिलती है आपको Aaj Ki Tithi तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार की जानकारी. आपकी सुविधा के लिए इस पंचांग में आपको मिलेगी, राहु काल और दिशा शूल की पूरी जानकारी. 

Geeta Gyan आज का सुविचार और गीता ज्ञान (Aaj ka Suvichar) : 

Geeta Gyan: गीता ज्ञान के सुविचार से होगा जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन, Geeta Gyan ज्ञान जीवन को  स्थिर करता है. ये ज्ञान भगवान श्री कृष्ण जी द्वारा दिया गया है. इस ज्ञान से जीवन में खुशियों की बारिश होती है. 

Kutumb Prabodhan: कुटुंब प्रबोधन ज्ञान : 

Kutumb Prabodhan कुटुम्ब प्रबोधन से आप जानेंगे घर में प्यार बढ़ाने के उपाय. इन उपायों का पालन करने से आती है रिश्तों में मिठास. जीवन में धन के साथ परिवार के सुख का बहुत महत्व है. इसके लिए कुटुंब प्रबोधन (Kutumb Prabodhan) ज्ञान जरुरी है.

रोज का पंचांग What’s App पर पानें के लिए अपना नाम और स्थान +91- 9911419079 पर भेजें. 

आज की तिथि (Aaj Ki Tithi):- ज्येष्ठ मास (शुक्ल पक्ष) नवमी 23:53 तक, बाद दशमी. युगाब्द 5127, विक्रमी संवत् 2082 तदनुसार 4 जून 2025, दिन बुधवार.

आज का नक्षत्र – उत्तराफाल्गुनी 27:34 तक. 

आज का योग – वज्र 08:27 तक. 

आज का करण – बालव 10:50 तक, बाद कौलव 23:53 तक.   

आज का शुभ मुहूर्त – 11:53 से 12:49 दोपहर तक. 

आज का राहुकाल – 12:21 से 14:06 दोपहर तक. 

आज का दिशा शूल – उत्तर दिशा.

Kutumb Prabodhan आज का कुटुंब प्रबोधन ज्ञान :-

साफ़-सुथरा घर, शांत मन का संकेत है।

3 बाण धारी की जय: हारे का सहारा बाबा श्याम हमारा… 

खाटू श्याम चालीसा से करें दिन की शुरुआत. पाठ करने से होगा कल्याण…

गीता ज्ञान (Geeta Gyan) चतुर्थ अध्याय श्लोक संख्या. 23.

गतसङ्‍गस्य मुक्तस्य ज्ञानावस्थितचेतसः ।

यज्ञायाचरतः कर्म समग्रं प्रविलीयते ॥

व्याख्या-

जिसकी आसक्ति सर्वथा नष्ट हो गई है, जो देहाभिमान और ममता से रहित हो गया है, जिसका चित्त निरन्तर परमात्मा के ज्ञान में स्थित रहता है- ऐसा केवल यज्ञसम्पादन के लिए कर्म करने वाले मनुष्य के सम्पूर्ण कर्म भलीभाँति विलीन हो जाते हैं॥

Geeta Gyan: आज का सुविचार और गीता ज्ञान (Aaj ka Suvichar):-

मैंने किया या मैं करता हूँ. मेरे बल से हुआ या मैंने बल लगाया तो हुआ, इन सब विचारों से परे होता है एक योगी. परन्तु हम तो छोटी छोटी बातों का भी ढोल बजा देते हैं. ऐसी स्थिति योगी नहीं बना जा सकता. जिनके अंदर से कर्म के प्रति आसक्ति का भी विनाश हो चुका है. जो कर्म को केवल यज्ञ समझ कर करते हैं, ऐसे महा पुरुष ही योगी कहलाते हैं. ऐसा नहीं है, कि अब से पहले ऐसा किसी ने नहीं किया है. ऐसा पहले भी बहुत से महापुरुष कर चुके हैं. स्वयं को कर्म फल की आसक्ति से हटा कर केवल कर्म करना ही, योगी के जीवन का लक्षण है. ऐसे योगी फिर अपना कर्म करते हुए जैसे ही अपने कर्म में लीन होते हैं, उसी प्रकार एक दिन परमात्मा में लीन हो जाते हैं. 

ज्योतिषाचार्य Dr. Sumith की ओर से प्रार्थना है, कि आपका दिन शुभ हो🙏🏻💐

बुद्धि के देवता गणेश की वन्दना से करें दिन की शुरुआत और पाएं रिद्धि सिद्धि का वरदान.

कुंडली विश्लेषण के लिए लिंक को छू कर वेबसाइट के अपॉइंटमेंट सेक्शन में जाएँ. 

अपने आराध्य देव को प्रसन्न करने के लिए, करें चालीसा पाठ. दिन के अनुसार करें या मन के अनुसार.

दुर्गा चालीसा , गणेश चालीसा, हनुमान चालीसा, संतोषी चालीसा, शिव चालीसा, सूर्य चालीसा, शनि चालीसा, विष्णु चालीसा, गायत्री चालीसा, काली चालीसा, शारदा चालीसा, खाटू श्याम चालीसा, श्री राम चालीसा, श्री महालक्ष्मी चालीसा, बगलामुखी चालीसा, श्री गौरी चालीसा, वैष्णों चालीसा, भैरव चालीसा, श्री ललिता चालीसा, सरस्वती चालीसा, श्री परशुराम चालीसा.