आज 28 मार्च 2025 का पञ्चांग, श्रीमद्भगवद्गीता जी के श्लोक ज्ञान सहित।
आज की तिथि (Aaj Ki Tithi):- चैत्र मास (कृष्ण पक्ष) चतुर्दशी 19:54 तक, युगाब्द 5126, विक्रमी संवंत 2081 तदनुसार 28 मार्च 2025, दिन शुक्रवार.
आज का नक्षत्र – पूर्वा भाद्रपद 22:08 तक.
आज का योग – शुक्ल 26:06 तक.
आज का करण – विष्टि 09:32 तक, बाद शकुनी 19:54 तक.
आज का शुभ मुहूर्त – 12:03 से 12:53 दोपहर तक.
आज का राहुकाल – 10:55 से 12:28 सुबह तक.
आज का दिशा शूल – पश्चिम दिशा.
आज शुक्रवार के दिन संतोषी माता को प्रसन्न करें.
संतोषी चालीसा सुनने के लिए निचे दिए लिंक को छुएं.
गीता ज्ञान (Geeta Gyan) दूसरा अध्याय श्लोक संख्या. 69.
या निशा सर्वभूतानां तस्यां जागर्ति संयमी ।
यस्यां जाग्रति भूतानि सा निशा पश्यतो मुनेः ॥
व्याख्या-
सम्पूर्ण प्राणियों के लिए जो रात्रि के समान है, उस नित्य ज्ञानस्वरूप परमानन्द की प्राप्ति में स्थितप्रज्ञ योगी जागता है और जिस नाशवान सांसारिक सुख की प्राप्ति में सब प्राणी जागते हैं, परमात्मा के तत्व को जानने वाले मुनि के लिए वह रात्रि के समान है॥
आज का सुविचार- गीता ज्ञान (Aaj ka suvichar) (Geeta Gyan):-
आज भगवान जीवन में सफ़लता का रास्ता बता रहे हैं. भगवान कह रहे हैं मनुष्य को अपनी बुद्धि को सांसारिक विषयों से दूर हटा कर अपने कर्म में लगाए रखना है. जब मनुष्य की बुद्धि केवल कर्म में लगी होती है तो मनुष्य दूसरों से दूर रहना चाहता है. वो जब सब जागते है, तब शांत रहता है, और जब सब सोते है तो वो योगी अपना कर्म करता है. भगवान उसे योगी मानते है जो सांसारिक मोह माया से परे हो चुका है. जो बिना विषयों की आसक्ति के अपना कार्य करता है.
आपका दिन शुभ हो🙏🏻💐
आज शुक्रवार के दिन महा लक्ष्मी को प्रसन्न करें और पाएं धन धान्य का वरदान. लिंक पर जाएँ.
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