aaj ki tithi

Aaj Ki Tithi: आज 25 May 2025 का कैलेन्डर: आज की तिथि…

(Aaj Ki Tithi): आज की तिथि

(Aaj Ki Tithi) आज की तिथि के साथ जानिए आज का पंचांग. हिन्दू कैलेंडर में मिलती है आपको (Aaj Ki Tithi) तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार की जानकारी. आपकी सुविधा के लिए इस पंचांग में आपको मिलेगी, राहु काल और दिशा शूल की पूरी जानकारी. 

(Aaj ka Suvichar) आज का सुविचार और गीता ज्ञान (Geeta Gyan): 

(Geeta Gyan) गीता ज्ञान के सुविचार से होगा जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन, (Geeta Gyan) ज्ञान जीवन को  स्थिर करता है. ये ज्ञान भगवान श्री कृष्ण जी द्वारा दिया गया है. इस ज्ञान से जीवन में खुशियों की बारिश होती है. 

(Kutumb Prabodhan) कुटुंब प्रबोधन ज्ञान ): 

कुटुम्ब प्रबोधन (Kutumb Prabodhan) से आप जानेंगे घर में प्यार बढ़ाने के उपाय. इन उपायों का पालन करने से आती है रिश्तों में मिठास. जीवन में धन के साथ परिवार के सुख का बहुत महत्व है. इसके लिए कुटुंब प्रबोधन (Kutumb Prabodhan) ज्ञान जरुरी है.

https://jyotishkundli.co.in/aaj-ka-rashifal-todays-horoscope-25-may-2025

(Aaj Ki Tithi) आज की तिथि :- ज्येष्ठ मास (कृष्ण पक्ष) त्रयोदशी 15:50 तक, बाद चतुर्दशी. युगाब्द 5127, विक्रमी संवत् 2082 तदनुसार 25 मई 2025, दिन रविवार.

आज का नक्षत्र – अश्वनी 11:11 तक. 

आज का योग – सौभाग्य 11:05 तक. 

आज का करण – गर 05:37 तक, बाद वणिज 15:50 तक.   

आज का शुभ मुहूर्त – 11:52 से 12:47 दोपहर तक. 

आज का राहुकाल – 17:30 से 19:14 शाम तक. 

आज का दिशा शूल – पश्चिम दिशा.

(Kutumb Prabodhan) आज का कुटुंब प्रबोधन ज्ञान :-

क्रोध को क्षमा में बदलें।

गायत्री माता की उपासन से मिलता है आत्मिक शांति का वरदान.  

गायत्री चालीसा पाठ से करें गायत्री माता को प्रसन्न, चालीसा पाठ के लिए लिंक पर जाएँ. 

(Geeta Gyan) गीता ज्ञान चतुर्थ अध्याय श्लोक संख्या.13.

चातुर्वर्ण्यं मया सृष्टं गुणकर्मविभागशः ।

तस्य कर्तारमपि मां विद्धयकर्तारमव्ययम्‌ ॥

व्याख्या-

ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र- इन चार वर्णों का समूह, गुण और कर्मों के विभागपूर्वक मेरे द्वारा रचा गया है। इस प्रकार उस सृष्टि-रचनादि कर्म का कर्ता होने पर भी मुझ अविनाशी परमेश्वर को तू वास्तव में अकर्ता ही जान॥

(Aaj ka Suvichar) (Geeta Gyan) आज का सुविचार और गीता ज्ञान :-

समाज की वास्तिवकता को बताने वाला आज का गीता ज्ञान बहुत ही महत्वपूर्ण है. भगवान कहते हैं की मैंने इस दुनियां में गुण और कर्मों के आधार पर समाज का वर्गीकरण किया है. परन्तु समाज में आज उसे जाती का नाम दिया गया है. अगर हम संस्कार युक्त परिवार में जन्म लेते हैं परन्तु हमारे अंदर वो संस्कार नहीं हैं हम नीच कर्म करते हैं तो हमारे कर्मों के अनुसार हमें उस वर्ण से युक्त नहीं माना जा सकता इसी नियम के अनुसार भगवान से समाज का वर्गीकरण किया है. हमें किसी को दिखाने के लिए नहीं अपितु स्वयं के लिए श्रेष्ठ कर्म करने हैं. वो वर्गीकरण स्वयं भगवान का बनाया है अगर हम उसके अनुसार आचरण करते हैं तो निश्चित ही हमें कर्म फल भी उसी के अनुसार मिलेगा. भगवान कहते कहतें हैं कि मेरे द्वारा बनाया जानें पर भी मैं इन गुण कर्मो में लिप्त नहीं होता हूँ.

ज्योतिषाचार्य Dr. Sumith की ओर से प्रार्थना है, कि आपका दिन शुभ हो🙏🏻💐

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अपने आराध्य देव को प्रसन्न करने के लिए, करें चालीसा पाठ. दिन के अनुसार करें या मन के अनुसार.