aaj ki tithi

Aaj Ki Tithi: आज 25 जून का कैलेंडर: आज की तिथि…

Aaj Ki Tithi: आज की तिथि : 

आज की तिथि Aaj Ki Tithi के साथ जानिए आज का पंचांग. हिन्दू कैलेंडर में मिलती है आपको Aaj Ki Tithi तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार की जानकारी. आपकी सुविधा के लिए इस पंचांग में आपको मिलेगी, राहु काल और दिशा शूल की पूरी जानकारी. 

Geeta Gyan: आज का सुविचार और गीता ज्ञान (Aaj ka Suvichar) : 

गीता ज्ञान Geeta Gyan के सुविचार से होगा जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन, Geeta Gyan ज्ञान जीवन को  स्थिर करता है. ये ज्ञान भगवान श्री कृष्ण जी द्वारा दिया गया है. इस ज्ञान से जीवन में खुशियों की बारिश होती है. 

Kutumb Prabodhan:कुटुंब प्रबोधन ज्ञान : 

कुटुम्ब प्रबोधन Kutumb Prabodhan से आप जानेंगे घर में प्यार बढ़ाने के उपाय. इन उपायों का पालन करने से आती है रिश्तों में मिठास. जीवन में धन के साथ परिवार के सुख का बहुत महत्व है. इसके लिए कुटुंब प्रबोधन Kutumb Prabodhan ज्ञान जरुरी है.

आज की तिथि (Aaj Ki Tithi):- अषाढ़ मास (कृष्ण पक्ष) अमावस्या 16:00 तक, बाद प्रतिपदा. युगाब्द 5127, विक्रमी संवत् 2082 तदनुसार 25 जून 2025, दिन बुधवार.

रोज का पंचांग What’s App पर पानें के लिए अपना नाम और स्थान +91- 9911419079 पर भेजें.  

आज का नक्षत्र – मृगशिरा 10:39 तक.  

आज का योग – गंड 05:59 तक, बाद वृद्धा 26:37 तक. 

आज का करण –  चतुष्पद 05:27 तक, बाद नाग 16:00 तक.   

आज का शुभ मुहूर्त – 11:57 से 12:54 दोपहर तक. 

आज का राहुकाल – 12:25 से 14:11 दोपहर तक. 

आज का दिशा शूल – उत्तर दिशा.

आज का कुटुंब प्रबोधन ज्ञान (Kutumb Prabodhan):-

हर त्यौहार को प्रकृति के साथ जोड़ें।

तीन बाण धारी खाटू श्याम बाबा की जय. 

खाटू श्याम चालीसा पाठ से होता है कष्टों का नाश… 

गीता ज्ञान (Geeta Gyan) पंचम अध्याय श्लोक संख्या.3.

ज्ञेयः स नित्यसन्न्यासी यो न द्वेष्टि न काङ्‍क्षति ।

निर्द्वन्द्वो हि महाबाहो सुखं बन्धात्प्रमुच्यते ॥

व्याख्या-

हे अर्जुन! जो पुरुष न किसी से द्वेष करता है और न किसी की आकांक्षा करता है, वह कर्मयोगी सदा संन्यासी ही समझने योग्य है क्योंकि राग-द्वेषादि द्वंद्वों से रहित पुरुष सुखपूर्वक संसार बंधन से मुक्त हो जाता है॥

आज का सुविचार और गीता ज्ञान (Aaj ka Suvichar) (Geeta Gyan):-

गीता ज्ञान आज हमें एक बहुत ही सुन्दर पहचान बताने वाला है. महान योद्धा अर्जुन के मन में प्रश्न आया है, तो हम सब के मन में आना चाहिए, अर्जुन जी भगवान से पूछ रहें हैं की सन्यासी और योगी का लक्ष्ण क्या हैं, हम उसे कैसे पहचान सकते हैं. तब भगवान कहते हैं कि, जो संसार के कर्म बंधनों से  आसक्ति प्राप्त कर चुकें हैं. जिनका राग, द्वेष सब समाप्त हो चुका है, इनके मन में किसी के प्राप्ति कोई मोह और कोई आसक्ति नहीं होती. इनके द्वारा किया गया कोई भी कर्म इनके निजी स्वार्थ के लिए नहीं होता. इनके जीवन का हर कर्म समाज जीव कल्याण के लिए होता है. इनके किसी भी कार्य में इनका निजी स्वार्थ नहीं देखा जाता. ऐसे लक्षणों से युक्त मनुष्य ही योगी और सन्यासी कहलाता है. 

ज्योतिषाचार्य Dr. Sumith की ओर से प्रार्थना है, कि आपका दिन शुभ हो🙏🏻💐

गणेश जी को दूर्वा अर्पण कर के करें गणेश चालीसा का पाठ तो होगा जीवन में खुशियों का सवेरा

कुंडली विश्लेषण के लिए लिंक को छू कर वेबसाइट के अपॉइंटमेंट सेक्शन में जाएँ. 

अपने आराध्य देव को प्रसन्न करने के लिए, करें चालीसा पाठ. दिन के अनुसार करें या मन के अनुसार.

दुर्गा चालीसा , गणेश चालीसा, हनुमान चालीसा, संतोषी चालीसा, शिव चालीसा, सूर्य चालीसा, शनि चालीसा, विष्णु चालीसा, गायत्री चालीसा, काली चालीसा, शारदा चालीसा, खाटू श्याम चालीसा, श्री राम चालीसा, श्री महालक्ष्मी चालीसा, बगलामुखी चालीसा, श्री गौरी चालीसा, वैष्णों चालीसा, भैरव चालीसा, श्री ललिता चालीसा, सरस्वती चालीसा, श्री परशुराम चालीसा.