aaj ki tithi

Aaj Ki Tithi: आज 22 जून 2025 का कैलेंडर: आज की तिथि…

Aaj Ki Tithi: आज की तिथि : 

आज की तिथि Aaj Ki Tithi के साथ जानिए आज का पंचांग. हिन्दू कैलेंडर में मिलती है आपको Aaj Ki Tithi तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार की जानकारी. आपकी सुविधा के लिए इस पंचांग में आपको मिलेगी, राहु काल और दिशा शूल की पूरी जानकारी. 

Geeta Gyan: आज का सुविचार और गीता ज्ञान (Aaj ka Suvichar) : 

गीता ज्ञान Geeta Gyan के सुविचार से होगा जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन, Geeta Gyan ज्ञान जीवन को  स्थिर करता है. ये ज्ञान भगवान श्री कृष्ण जी द्वारा दिया गया है. इस ज्ञान से जीवन में खुशियों की बारिश होती है. 

Kutumb Prabodhan: कुटुंब प्रबोधन ज्ञान : 

कुटुम्ब प्रबोधन Kutumb Prabodhan से आप जानेंगे घर में प्यार बढ़ाने के उपाय. इन उपायों का पालन करने से आती है रिश्तों में मिठास. जीवन में धन के साथ परिवार के सुख का बहुत महत्व है. इसके लिए कुटुंब प्रबोधन Kutumb Prabodhan ज्ञान जरुरी है.

आज की तिथि (Aaj Ki Tithi):- अषाढ़ मास (कृष्ण पक्ष) द्वादशी 25:21 तक, बाद त्रयोदशी. युगाब्द 5127, विक्रमी संवत् 2082 तदनुसार 22 जून 2025, दिन रविवार.

रोज का पंचांग What’s App पर पानें के लिए अपना नाम और स्थान +91- 9911419079 पर भेजें.  

https://jyotishkundli.co.in/aaj-ka-rashifal-todays-horoscope-22-june-2025

आज का नक्षत्र – भरणी 17:37 तक. 

आज का योग – सुकर्मा 16:56 तक. 

आज का करण – कौलव 14:55 तक, बाद तैतुल 25:21 तक.   

आज का शुभ मुहूर्त – 11:57 से 12:53 दोपहर तक. 

आज का राहुकाल – 17:41से 19:26 शाम तक. 

आज का दिशा शूल – पश्चिम दिशा.

आज का कुटुंब प्रबोधन ज्ञान (Kutumb Prabodhan):-

पैसे से ज़्यादा मूल्य संबंधों का है।

सूर्य देव की कृपा से होगी यश मान और सम्मान की प्राप्ति. 

सूर्य चालीसा के पाठ से पाएं सूर्य देव की कृपा… 

गीता ज्ञान (Geeta Gyan) चतुर्थ अध्याय श्लोक संख्या. 42.

तस्मादज्ञानसम्भूतं हृत्स्थं ज्ञानासिनात्मनः ।

छित्वैनं संशयं योगमातिष्ठोत्तिष्ठ भारत ॥

व्याख्या-

इसलिए हे भरतवंशी अर्जुन! तू हृदय में स्थित इस अज्ञानजनित अपने संशय का विवेकज्ञान रूप तलवार द्वारा छेदन करके समत्वरूप कर्मयोग में स्थित हो जा और युद्ध के लिए खड़ा हो जा॥

आज का सुविचार और गीता ज्ञान (Aaj ka Suvichar) (Geeta Gyan):-

चतुर्थ अध्याय में आज भगवान श्री कृष्ण अंतिम श्लोक के माध्यम से अर्जुन को कह रहें हैं कि, हे अर्जुन हमें मन में आने वाले द्वंद्ध को अपने निश्चित निर्णय से समाप्त कर देना चाहिए और अपने कर्म में लग जाना चाहिए. कृष्ण जी अर्जुन को बार बार युद्ध करने के लिए कह रहे हैं, परन्तु जिसे हम युद्ध समझ रहें हैं वो असल में कर्म करने के लिए प्रेरित करना ही हैं. भगवान इस अध्याय के अंत में फिर ये ही कह रहें हैं कि, हमें अपने मन को एकाग्र कर के आसक्ति का त्याग कर के केवल अपने धर्म का पालन करते हुए कर्म करना चाहिए और, उसका फल भगवान को अर्पण कर देना चाहिए. ये ही हम सब का कर्त्तव्य भी है और ये ही धर्म हैं. 

ज्योतिषाचार्य Dr. Sumit की ओर से प्रार्थना है, कि आपका दिन शुभ हो🙏🏻💐

गायत्री चालीसा पाठ से होगा जीवन के हर संकट का नाश. मिलेगा मान सम्मान और शांति का वरदान. 

कुंडली विश्लेषण के लिए लिंक को छू कर वेबसाइट के अपॉइंटमेंट सेक्शन में जाएँ. 

अपने आराध्य देव को प्रसन्न करने के लिए, करें चालीसा पाठ. दिन के अनुसार करें या मन के अनुसार.

दुर्गा चालीसा , गणेश चालीसा, हनुमान चालीसा, संतोषी चालीसा, शिव चालीसा, सूर्य चालीसा, शनि चालीसा, विष्णु चालीसा, गायत्री चालीसा, काली चालीसा, शारदा चालीसा, खाटू श्याम चालीसा, श्री राम चालीसा, श्री महालक्ष्मी चालीसा, बगलामुखी चालीसा, श्री गौरी चालीसा, वैष्णों चालीसा, भैरव चालीसा, श्री ललिता चालीसा, सरस्वती चालीसा, श्री परशुराम चालीसा.