आज की तिथि (Aaj Ki Tithi):
आज की तिथि के साथ जानिए आज का पंचांग. हिन्दू कैलेंडर में मिलती है आपको तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार की जानकारी. आपकी सुविधा के लिए इस पंचांग में आपको मिलेगी, राहु काल और दिशा शूल की पूरी जानकारी.
आज का सुविचार और गीता ज्ञान (Aaj ka Suvichar) (Geeta Gyan):
गीता ज्ञान के सुविचार से होगा जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन,(Geeta Gyan) ज्ञान जीवन को करता है स्थिर. ये ज्ञान भगवान श्री कृष्ण जी द्वारा दिया गया है. इस ज्ञान से होती है जीवन में खुशियों की बारिश.
कुटुंब प्रबोधन ज्ञान (Kutumb Prabodhan):
कुटुम्ब प्रबोधन से आप जानेंगे घर में प्यार बढ़ाने के उपाय. इन उपायों का पालन करने से आती है रिश्तों में मिठास. जीवन में धन के साथ परिवार के सुख का बहुत महत्व है. इसके लिए कुटुंब प्रबोधन ज्ञान जरुरी है.
आज की तिथि (Aaj Ki Tithi):- ज्येष्ठ मास (कृष्ण पक्ष) षष्ठी 06:10 तक, बाद सप्तमी. युगाब्द 5127, विक्रमी संवत् 2082 तदनुसार 19 मई 2025, दिन सोमवार.
आज का नक्षत्र – श्रवण 19:28 तक.
आज का योग – शुक्ल 05:51 तक, बाद ब्रह्म.
आज का करण – वणिज 06:10 तक, बाद विष्टि 18:05 तक.
आज का शुभ मुहूर्त – 11:52 से 12:47 दोपहर तक.
आज का राहुकाल – 07:11 से 08:54 सुबह तक.
आज का दिशा शूल – पूर्व दिशा.
आज का कुटुंब प्रबोधन ज्ञान (Kutumb Prabodhan):-
घर के हर काम को साझा करें।
शिव ही शंकर हैं, हर कंकर शंकर है.
शिव चालीसा से करें देवों के देव महादेव को प्रसन्न. चालीसा पाठ के लिए लिंक पर जाएँ.
गीता ज्ञान (Geeta Gyan) तृतीय अध्याय श्लोक संख्या.7.
यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत ।
अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम् ॥
व्याख्या-
हे भारत! जब-जब धर्म की हानि और अधर्म की वृद्धि होती है, तब-तब ही मैं अपने रूप को रचता हूँ अर्थात साकार रूप से लोगों के सम्मुख प्रकट होता हूँ॥
आज का सुविचार और गीता ज्ञान (Aaj ka Suvichar) (Geeta Gyan):-
जैसा की कल के गीता ज्ञान में आप ने पढ़ा, कि धर्म में कुरीतियाँ आनें पर भगवान जन्म लेते हैं. आज के गीता ज्ञान में भगवान श्री स्वयं अपने मुख से कह रहें हैं, कि जब जब धर्म का पतन होने लगता है तो मैं स्वयं आ कर उसकी रक्षा करता हूँ. ऐसा कब होगा ऐसा निश्चित नहीं परन्तु भगवान जी स्वयं कह रहें हैं, हर युग में ऐसा होता है, की धर्म का पतन होने लगता है और अधर्म का प्रचार होने लगता है, तब अपनी योग माया से वो स्वयं को प्रकट कर के इस धरती पर आ कर धर्म की रक्षा करते हैं. अन्य रूप से वो मनुष्यों से ही इस कार्य को करवाने का प्रयास करते हैं. जब जब हम धर्म का आचरण करते हैं और धर्म की रक्षा के लिए कार्य करते हैं तो ऐसा माना जाता है की हम स्वयं भगवान का कार्य कर रहें हैं.
ज्योतिषाचार्य डॉ सुमित की ओर से प्रार्थना है, कि आपका दिन शुभ हो🙏🏻💐
शक्ति के बिना शिव की आराधना अधूरी है, काली चालीसा पाठ से करें शक्ति को प्रसन्न.
कुंडली विश्लेषण के लिए लिंक को छू कर वेबसाइट के अपॉइंटमेंट सेक्शन में जाएँ.
अपने आराध्य देव को प्रसन्न करने के लिए, करें चालीसा पाठ. दिन के अनुसार करें या मन के अनुसार.
- दुर्गा चालीसा , गणेश चालीसा, हनुमान चालीसा, संतोषी चालीसा, शिव चालीसा, सूर्य चालीसा, शनि चालीसा, विष्णु चालीसा, गायत्री चालीसा, काली चालीसा, शारदा चालीसा, खाटू श्याम चालीसा, श्री राम चालीसा, श्री महालक्ष्मी चालीसा, बगलामुखी चालीसा, श्री गौरी चालीसा, वैष्णों चालीसा, भैरव चालीसा, श्री ललिता चालीसा, सरस्वती चालीसा, श्री परशुराम चालीसा.

