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Aaj Ki Tithi: आज 17 जून का कैलेंडर: आज की तिथि…

Aaj Ki Tithi: आज की तिथि : 

Aaj Ki Tithi: आज की तिथि के साथ जानिए आज का पंचांग. हिन्दू कैलेंडर में मिलती है आपको (Aaj Ki Tithi) तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार की जानकारी. आपकी सुविधा के लिए इस पंचांग में आपको मिलेगी, राहु काल और दिशा शूल की पूरी जानकारी. 

Geeta Gyan: आज का सुविचार और गीता ज्ञान (Aaj ka Suvichar) : 

गीता ज्ञान (Geeta Gyan) के सुविचार से होगा जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन, (Geeta Gyan) ज्ञान जीवन को  स्थिर करता है. ये ज्ञान भगवान श्री कृष्ण जी द्वारा दिया गया है. इस ज्ञान से जीवन में खुशियों की बारिश होती है. 

Kutumb Prabodhan: कुटुंब प्रबोधन ज्ञान : 

कुटुम्ब प्रबोधन (Kutumb Prabodhan) से आप जानेंगे घर में प्यार बढ़ाने के उपाय. इन उपायों का पालन करने से आती है रिश्तों में मिठास. जीवन में धन के साथ परिवार के सुख का बहुत महत्व है. इसके लिए कुटुंब प्रबोधन (Kutumb Prabodhan) ज्ञान जरुरी है.

आज की तिथि (Aaj Ki Tithi):- अषाढ़ मास (कृष्ण पक्ष) षष्ठी 14:45 तक, बाद सप्तमी. युगाब्द 5127, विक्रमी संवत् 2082 तदनुसार 17 जून 2025, दिन मंगलवार.

रोज का पंचांग What’s App पर पानें के लिए अपना नाम और स्थान +91- 9911419079 पर भेजें. 

 

आज का नक्षत्र – शतभिषा 25:00 तक. 

आज का योग – विष्कुम्भ 09:32 तक. 

आज का करण – वणिज 14:45 तक, बाद विष्टि 26:13 तक.   

आज का शुभ मुहूर्त – 11:56 से 12:52 दोपहर तक. 

आज का राहुकाल – 15:54 से 17:39 दोपहर तक. 

आज का दिशा शूल – उत्तर दिशा.

आज का कुटुंब प्रबोधन ज्ञान (Kutumb Prabodhan):-

दिनचर्या में ध्यान और ध्यानाकर्षण दोनों जरूरी हैं।

अगर आप भी हनुमान भक्त हो तो, कहो जय श्री राम.  

श्री राम चालीसा से करो दिन की मधुर शुरुआत. 

गीता ज्ञान (Geeta Gyan) चतुर्थ अध्याय श्लोक संख्या. 37.

यथैधांसि समिद्धोऽग्निर्भस्मसात्कुरुतेऽर्जुन ।

ज्ञानाग्निः सर्वकर्माणि भस्मसात्कुरुते तथा ॥

व्याख्या-

क्योंकि हे अर्जुन! जैसे प्रज्वलित अग्नि ईंधनों को भस्ममय कर देता है, वैसे ही ज्ञानरूप अग्नि सम्पूर्ण कर्मों को भस्ममय कर देता है॥

आज का सुविचार और गीता ज्ञान (Aaj ka Suvichar) (Geeta Gyan):-

आज का गीता ज्ञान हमें कर्मों से मुक्ति का ज्ञान दें रहा है. श्री कृष्ण कह रहें हैं, कि जिस प्रकार अग्नि में जल कर सभी प्रकार का इंधन भस्म हो जाता है, तब वो केवल इंधन बन कर काम करता है और और कर्म फल रूपी अग्नि उसे जला कर भस्म कर देती है. उसी प्रकार अग्नि ये जीवन रूप संसार है. हमारे द्वारा किया गया कर्म ही उसका इंधन है जो हमे बार बार कर्म फलों में बांधे रखता है. परंतु जब इन्सान को ज्ञान प्राप्त हो जाता है, तब मनुष्य एक प्रकार से कर्म बन्धनों से छूट जाता है. उसे कर्म का फल किसी प्रकार के बंधन में बांधता नहीं है. कर्मों से मुक्त होने का अर्थ कर्म ना करने से नहीं है, अपितु किसी भी प्रकार के कर्म से मिले फल से है. जब व्यक्ति को ज्ञान प्राप्त हो जाता है तो वो कर्म बन्धनों से मुक्त हो जाता है. उसकी आसक्ति कर्म फल में नहीं रहती. 

ज्योतिषाचार्य Dr. Sumit की ओर से प्रार्थना है, कि आपका दिन शुभ हो🙏🏻💐

हनुमान चालीसा पाठ से मिलेगी सभी कार्यों में सफलता. हनुमान चालीसा सुनें.

कुंडली विश्लेषण के लिए लिंक को छू कर वेबसाइट के अपॉइंटमेंट सेक्शन में जाएँ. 

अपने आराध्य देव को प्रसन्न करने के लिए, करें चालीसा पाठ. दिन के अनुसार करें या मन के अनुसार.

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