aaj ki tithi

Aaj Ki Tithi: आज 14 जुलाई का कैलेंडर: आज की तीथी चतुर्थी…

Aaj Ki Tithi: आज की तिथि:

आज की तिथि Aaj Ki Tithi के साथ जानिए आज का पंचांग. हिन्दू कैलेंडर में मिलती है आपको Aaj Ki Tithi तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार की जानकारी. आपकी सुविधा के लिए इस पंचांग में आपको मिलेगी, राहु काल और दिशा शूल की पूरी जानकारी.

Geeta Gyan: आज का सुविचार और गीता ज्ञान Aaj ka Suvichar:

गीता ज्ञान Geeta Gyan के सुविचार से होगा जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन, Geeta Gyan ज्ञान जीवन को स्थिर करता है. ये ज्ञान भगवान श्री कृष्ण जी द्वारा दिया गया है. इस ज्ञान से जीवन में खुशियों की बारिश होती है.

Kutumb Prabodhan: कुटुंब प्रबोधन ज्ञान:

कुटुम्ब प्रबोधन Kutumb Prabodhan से आप जानेंगे घर में प्यार बढ़ाने के उपाय. इन उपायों का पालन करने से आती है रिश्तों में मिठास. जीवन में धन के साथ परिवार के सुख का बहुत महत्व है. इसके लिए कुटुंब प्रबोधन Kutumb Prabodhan ज्ञान जरुरी है.

आज की तिथि (Aaj Ki Tithi):- श्रावण मास (कृष्ण पक्ष) चतुर्थी 23:59 तक. युगाब्द 5127, विक्रमी संवत् 2082 तदनुसार 14 जुलाई 2025, दिन सोमवार.

रोज का पंचांग What’s App पर पानें के लिए अपना नाम और स्थान +91- 9911419079 पर भेजें.

आज का नक्षत्र – धनिष्ठा 06:47 तक, बाद शतभिषा.
आज का योग – आयुष्मन 16:12 तक.
आज का करण – बव 12:32 तक, बाद बालव 23:59 तक.
आज का शुभ मुहूर्त – 12:01 से 12:56 दोपहर तक.
आज का राहुकाल – 07:17 से 09:01 दोपहर तक.
आज का दिशा शूल – पूर्व दिशा.

आज का कुटुंब प्रबोधन ज्ञान Kutumb Prabodhan:-

भोजन, विश्राम और काम में संतुलन रखें।

श्रावण का पावन महीना और पहला सोमवार..
शिव चालीसा से पाएं महादेव की कृपा करें चालीसा पाठ…

गीता ज्ञान Geeta Gyan पंचम अध्याय श्लोक संख्या.23.

शक्नोतीहैव यः सोढुं प्राक्शरीरविमोक्षणात्‌ ।
कामक्रोधोद्भवं वेगं स युक्तः स सुखी नरः ॥

व्याख्या-
जो साधक इस मनुष्य शरीर में, शरीर का नाश होने से पहले-पहले ही काम-क्रोध से उत्पन्न होने वाले वेग को सहन करने में समर्थ हो जाता है, वही पुरुष योगी है और वही सुखी है॥

https://jyotishkundli.co.in/aaj-ka-rashifal-todays-horoscope-14-july-2025
आज का सुविचार और गीता ज्ञान (Aaj ka Suvichar) (Geeta Gyan):-

आज के गीता ज्ञान में भगवान साफ़ शब्दों में सन्देश दे रहें हैं, कि ये जीवन बहुत छोटा है, किस समय किसका आखिर क्षण है किसी को इसका बोध नहीं. इस लिए समय रहते इस शरीर की इन्दिर्यों के मोह पाश से मुक्त होना है. जब तक इनके मोह पाश से मुक्ति नहीं मिलती तब तक बार बार अलग अलग योनियों में जन्म लेने का क्रम चलता ही रहेगा. जो मनुष्य इस जीवन में ऐसा करने में सफल हो जाता है, वो बन्धनों से छूट जाता है. परन्तु जो इनके मनुष्य इनके चक्र से नहीं निकल पाता, अलग जन्म किस योगी का मिलगा दुबारा कब मनुष्य जन्म मिलेगा ये कोई नहीं जानता. इस लिए ये जीवन बहुत अनमोल है. इसे इन्द्रियों के वशीभूत हो कर नहीं, इनके वश से बाहर निकलने के लिए जिएं.

ज्योतिषाचार्य Dr. Sumith की ओर से प्रार्थना है, कि आपका दिन शुभ हो🙏🏻💐

Heart Attack जैसी बीमारी से बचा जा सकता है, जान लें अपनी कुण्डली के अनुसार हृदय शूल के योग।
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शिव और शक्ति के मिलन से पूरी होती है साधक की साधना. करें दुर्गा चालीसा का पाठ…

कुंडली विश्लेषण के लिए लिंक को छू कर वेबसाइट के अपॉइंटमेंट सेक्शन में जाएँ. 

अपने आराध्य देव को प्रसन्न करने के लिए, करें चालीसा पाठ. दिन के अनुसार करें या मन के अनुसार.

दुर्गा चालीसा , गणेश चालीसा, हनुमान चालीसा, संतोषी चालीसा, शिव चालीसा, सूर्य चालीसा, शनि चालीसा, विष्णु चालीसा, गायत्री चालीसा, काली चालीसा, शारदा चालीसा, खाटू श्याम चालीसा, श्री राम चालीसा, श्री महालक्ष्मी चालीसा, बगलामुखी चालीसा, श्री गौरी चालीसा, वैष्णों चालीसा, भैरव चालीसा, श्री ललिता चालीसा, सरस्वती चालीसा, श्री परशुराम चालीसा.