aaj ki tithi

Aaj Ki Tithi: आज 13 जुलाई का कैलेंडर: आज की तिथि तृतीया…

Aaj Ki Tithi: आज की तिथि: 

आज की तिथि Aaj Ki Tithi के साथ जानिए आज का पंचांग. हिन्दू कैलेंडर में मिलती है आपको Aaj Ki Tithi तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार की जानकारी. आपकी सुविधा के लिए इस पंचांग में आपको मिलेगी, राहु काल और दिशा शूल की पूरी जानकारी. 

Geeta Gyan: आज का सुविचार और गीता ज्ञान Aaj ka Suvichar: 

गीता ज्ञान Geeta Gyan के सुविचार से होगा जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन, Geeta Gyan ज्ञान जीवन को  स्थिर करता है. ये ज्ञान भगवान श्री कृष्ण जी द्वारा दिया गया है. इस ज्ञान से जीवन में खुशियों की बारिश होती है. 

Kutumb Prabodhan: कुटुंब प्रबोधन ज्ञान: 

कुटुम्ब प्रबोधन Kutumb Prabodhan से आप जानेंगे घर में प्यार बढ़ाने के उपाय. इन उपायों का पालन करने से आती है रिश्तों में मिठास. जीवन में धन के साथ परिवार के सुख का बहुत महत्व है. इसके लिए कुटुंब प्रबोधन Kutumb Prabodhan ज्ञान जरुरी है.

आज की तिथि (Aaj Ki Tithi):- श्रावण मास (कृष्ण पक्ष) तृतीया 25:02 तक. युगाब्द 5127, विक्रमी संवत् 2082 तदनुसार 13 जुलाई 2025, दिन रविवार.

रोज का पंचांग What’s App पर पानें के लिए अपना नाम और स्थान +91- 9911419079 पर भेजें.  

आज का नक्षत्र – श्रवण 06:51 तक, बाद धनिष्ठा. 

आज का योग – प्रीती 17:59 तक. 

आज का करण – वणिज 13:26 तक, बाद विष्टि 25:02 तक.   

आज का शुभ मुहूर्त – 12:01 से 12:56 दोपहर तक. 

आज का राहुकाल – 17:41 से 19:25 शाम तक. 

आज का दिशा शूल – पश्चिम दिशा.

आज का कुटुंब प्रबोधन ज्ञान Kutumb Prabodhan:-

जल्दी उठें, परिवार के साथ उठें।

रविवार के दिन सूर्य नारायण को प्रसन्न करें…

सूर्य चालीसा पाठ से करें दिन की शुरुआत…

गीता ज्ञान Geeta Gyan पंचम अध्याय श्लोक संख्या.22.

ये हि संस्पर्शजा भोगा दुःखयोनय एव ते ।

आद्यन्तवन्तः कौन्तेय न तेषु रमते बुधः ॥

व्याख्या-

जो ये इन्द्रिय तथा विषयों के संयोग से उत्पन्न होने वाले सब भोग हैं, यद्यपि विषयी पुरुषों को सुखरूप भासते हैं, तो भी दुःख के ही हेतु हैं और आदि-अन्तवाले अर्थात अनित्य हैं। इसलिए हे अर्जुन! बुद्धिमान विवेकी पुरुष उनमें नहीं रमता॥

https://jyotishkundli.co.in/aaj-ka-rashifal-todays-horoscope-13-july-2025

आज का सुविचार और गीता ज्ञान (Aaj ka Suvichar) (Geeta Gyan):-

आज का गीता ज्ञान आपको शरीर की आसक्ति का त्याग करने के लिए बहुत सहायक सिद्ध होगा. आज भगवान ऐसा ज्ञान दे रहें हैं जिसे सुन कर ज्ञानी मनुष्य चिंतन करेगा और बाकी तो जीवन जी ही रहें हैं. हमारे शरीर की हर प्रकार की इंद्री हमे किसी ना किसी प्रकार का अनुभव प्रदान करती है. हम उसी अनुभव को आनन्द समझ लेते हैं. जैसे भोजन करते समय आनें वाला आनंद या किसी भी अन्य क्रिया के करने से आने वाला आनंद जिसे हम आनंद मानते हैं, असल में वो आनंद ही हमें विषयों के प्रति आसक्ति में डालता है. जबकि हमें पता है वो आनदं कुछ समय के लिए है. परन्तु फिर भी हम उसी आनंद के लिए चेष्टा करते हैं. असल में ज्ञानी जन इंन्द्रियों से प्राप्त आनंद को आनंद नहीं मानते हैं. वो ईश्वर के द्वारा प्रदत्त आनंद को ही आनंद मानते हैं, वो ईश्वर द्वारा प्रदत्त है, तो वो आनंद स्थाई होता है. अन्य विषयों के प्राप्त आनंद तो क्षण भर के लिए होते हैं. इस लिए हमें विचार करना चाहिए, की हमें स्थाई आनंद की और जाना है, बंधनों में बाँधने वाले आनंद की और नहीं जाना है.  

ज्योतिषाचार्य Dr. Sumith की ओर से प्रार्थना है, कि आपका दिन शुभ हो🙏🏻💐

आंखों पर चोट लगने से भी आंखो की रोशनी जा सकती है। जानिए कहीं आपकी कुण्डली में तो ऐसा योग नहीं।

श्री राम चालीसा से करें शिव जी के आराध्य देव को प्रसन्न. श्री राम चालीसा के लिए लिंक पर जाएँ. 

कुंडली विश्लेषण के लिए लिंक को छू कर वेबसाइट के अपॉइंटमेंट सेक्शन में जाएँ. 

अपने आराध्य देव को प्रसन्न करने के लिए, करें चालीसा पाठ. दिन के अनुसार करें या मन के अनुसार.

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