aaj ki tithi

आज की तिथि: आज 10 जून 2025 का कैलेंडर: Aaj Ki Tithi…

Aaj Ki Tithi: आज की तिथि: 

आज की तिथि Aaj Ki Tithi के साथ जानिए आज का पंचांग. हिन्दू कैलेंडर में मिलती है आपको Aaj Ki Tithi तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार की जानकारी. आपकी सुविधा के लिए इस पंचांग में आपको मिलेगी, राहु काल और दिशा शूल की पूरी जानकारी. 

Geeta Gyan आज का सुविचार और गीता ज्ञान (Aaj ka Suvichar): 

गीता ज्ञान (Geeta Gyan) के सुविचार से होगा जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन, (Geeta Gyan) ज्ञान जीवन को  स्थिर करता है. ये ज्ञान भगवान श्री कृष्ण जी द्वारा दिया गया है. इस ज्ञान से जीवन में खुशियों की बारिश होती है. 

Jyotishkundli.co.in की ओर से मिशन सिन्दूर की सफलता पर पाएं 14/15 जून को किसी भी एक प्रश्न का ज्योतिषीय समाधान। अपने What’s App पर। अपनी डिटेल्स भेजें +91-9911419079 पर।

Kutumb Prabodhan: कुटुंब प्रबोधन ज्ञान: 

कुटुम्ब प्रबोधन Kutumb Prabodhan से आप जानेंगे घर में प्यार बढ़ाने के उपाय. इन उपायों का पालन करने से आती है रिश्तों में मिठास. जीवन में धन के साथ परिवार के सुख का बहुत महत्व है. इसके लिए कुटुंब प्रबोधन (Kutumb Prabodhan) ज्ञान जरुरी है.

आज की तिथि (Aaj Ki Tithi):- ज्येष्ठ मास (शुक्ल पक्ष) चतुर्दशी 11:34, बाद पूर्णिमा. युगाब्द 5127, विक्रमी संवत् 2082 तदनुसार 10 जून 2025, दिन मंगलवार. पूर्णिमा का व्रत आज करें. 

रोज का पंचांग What’s App पर पानें के लिए अपना नाम और स्थान +91- 9911419079 पर भेजें.

 

https://jyotishkundli.co.in/aaj-ka-rashifal-todyas-horocope-10-june-2025

आज का नक्षत्र – अनुराधा 18:00 तक. 

आज का योग – सिद्ध 13:43 तक. 

आज का करण – वणिज 11:34 तक, बाद विष्टि 24:26 तक.   

आज का शुभ मुहूर्त – 11:54 से 12:49 दोपहर तक. 

आज का राहुकाल -10:37 से 12:22 दोपहर तक. 

आज का दिशा शूल – उत्तर दिशा.

आज का कुटुंब प्रबोधन ज्ञान (Kutumb Prabodhan):-

बुज़ुर्गों की सेवा, संस्कार की पहचान है।

हनुमान चालीसा से मिलता है जीवन में बुद्धि और मानसिक बल. 

बल पानें के लिए महा बलि हनुमान को प्रसन्न करें. हनुमान चालीसा का पाठ करें. 

गीता ज्ञान (Geeta Gyan) चतुर्थ अध्याय श्लोक संख्या.29,30.

अपाने जुह्वति प्राणं प्राणेऽपानं तथापरे ।

प्राणापानगती रुद्ध्वा प्राणायामपरायणाः ॥

अपरे नियताहाराः प्राणान्प्राणेषु जुह्वति ।

सर्वेऽप्येते यज्ञविदो यज्ञक्षपितकल्मषाः ॥

व्याख्या-

दूसरे कितने ही योगीजन अपान वायु में प्राणवायु को हवन करते हैं, वैसे ही अन्य योगीजन प्राणवायु में अपान वायु को हवन करते हैं तथा अन्य कितने ही नियमित आहार (गीता अध्याय 6 श्लोक 17 में देखना चाहिए।) करने वाले प्राणायाम परायण पुरुष प्राण और अपान की गति को रोककर प्राणों को प्राणों में ही हवन किया करते हैं। ये सभी साधक यज्ञों द्वारा पापों का नाश कर देने वाले और यज्ञों को जानने वाले हैं॥

आज का सुविचार और गीता ज्ञान (Aaj ka Suvichar) (Geeta Gyan):-

आज का गीता ज्ञान थोडा कठिनाई से समझ आने वाला विषय लेकर आया है. अगर भगवान की हर बात सरलता से समझ आ जाएँ तो उन्हें भी लोग आम आदमी जैसा ही समझ लेंगे. आज भगवान बता रहें हैं, कि किस प्रकार अपने अंदर ली जानें वाली वायु को और बाहर छोड़ी जानें वाली वायु को भी योगी जन भगवान को ही अर्पण करते हुए कर्म करते हैं. ऐसे में उनके लिए कर्म की कोई सीमा नहीं रह जाती. उन्हें जब तक प्राण आ रहें हैं तब तक और जब प्राण ना रहें तब भी उनकी इन प्राणों के प्रति कोई आसक्ति नहीं रह जाती. योगी जन अपने प्राणों की भी आहुति दे चुके होते हैं. हम लोग तो जीवन जीने के लिए ही सांस लेते हैं और छोड़ते हैं. कौनसी सांस आखरी है ये कोई नहीं जानता इस लिए हर श्वास के साथ भगवान का चिंतन करना उतना ही जरुरी है, जितना जीवन के लिए श्वास लेना. 

ज्योतिषाचार्य Dr. Sumit की ओर से प्रार्थना है, कि आपका दिन शुभ हो🙏🏻💐

पूर्णिमा व्रत के अवसर पर, भगवान विष्णु को प्रसन्न करें विष्णु चालीसा के साथ. 

कुंडली विश्लेषण के लिए लिंक को छू कर वेबसाइट के अपॉइंटमेंट सेक्शन में जाएँ. 

अपने आराध्य देव को प्रसन्न करने के लिए, करें चालीसा पाठ. दिन के अनुसार करें या मन के अनुसार.

दुर्गा चालीसा , गणेश चालीसा, हनुमान चालीसा, संतोषी चालीसा, शिव चालीसा, सूर्य चालीसा, शनि चालीसा, विष्णु चालीसा, गायत्री चालीसा, काली चालीसा, शारदा चालीसा, खाटू श्याम चालीसा, श्री राम चालीसा, श्री महालक्ष्मी चालीसा, बगलामुखी चालीसा, श्री गौरी चालीसा, वैष्णों चालीसा, भैरव चालीसा, श्री ललिता चालीसा, सरस्वती चालीसा, श्री परशुराम चालीसा.