Aaj Ki Tithi: आज की तिथि :
आज की तिथि (Aaj Ki Tithi) 1 जून 2025 के हिन्दू कैलेंडर में मिलेगी आपको (Aaj Ki Tithi) तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार की जानकारी. आपकी सुविधा के लिए इस पंचांग में आपको मिलेगी, राहु काल और दिशा शूल की पूरी जानकारी.
Geeta Gyan: आज का सुविचार और गीता ज्ञान (Aaj ka Suvichar):
गीता ज्ञान Geeta Gyan के सुविचार से होगा जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन, Geeta Gyan ज्ञान जीवन को स्थिर करता है. ये ज्ञान भगवान श्री कृष्ण जी द्वारा दिया गया है. इस ज्ञान से जीवन में खुशियों की बारिश होती है.
Kutumb Prabodhan: कुटुंब प्रबोधन ज्ञान :
कुटुम्ब प्रबोधन (Kutumb Prabodhan) से आप जानेंगे घर में प्यार बढ़ाने के उपाय. इन उपायों का पालन करने से आती है रिश्तों में मिठास. जीवन में धन के साथ परिवार के सुख का बहुत महत्व है. इसके लिए कुटुंब प्रबोधन (Kutumb Prabodhan) ज्ञान जरुरी है.
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आज की तिथि (Aaj Ki Tithi):- ज्येष्ठ मास (शुक्ल पक्ष) षष्ठी 19:58 तक, बाद सप्तमी. युगाब्द 5127, विक्रमी संवत् 2082 तदनुसार 1 जून 2025, दिन रविवार.
आज का नक्षत्र – अश्लेषा 21:35 तक.
आज का योग – ध्रुव 09:10 तक.
आज का करण – कौलव 08:00 तक, बाद तैतिल 19:58 तक.
आज का शुभ मुहूर्त – 11:53 से 12:49 दोपहर तक.
आज का राहुकाल – 17:34 से 19:18 शाम तक.
आज का दिशा शूल – पश्चिम दिशा.
आज का कुटुंब प्रबोधन ज्ञान (Kutumb Prabodhan):-
भावनात्मक जुड़ाव ही संबंधों की गहराई है।
सूर्य वंशी श्री राम जी की स्तुति से करें दिन की शुरुआत.
श्री राम चालीसा पाठ सुननें से होगा घर में शांति और प्रेम का संचार…
गीता ज्ञान (Geeta Gyan) चतुर्थ अध्याय श्लोक संख्या. 20.
त्यक्त्वा कर्मफलासङ्गं नित्यतृप्तो निराश्रयः ।
कर्मण्यभिप्रवृत्तोऽपि नैव किंचित्करोति सः ॥
व्याख्या-
जो पुरुष समस्त कर्मों में और उनके फल में आसक्ति का सर्वथा त्याग करके संसार के आश्रय से रहित हो गया है और परमात्मा में नित्य तृप्त है, वह कर्मों में भलीभाँति बर्तता हुआ भी वास्तव में कुछ भी नहीं करता॥
आज का सुविचार और गीता ज्ञान (Aaj ka Suvichar) (Geeta Gyan):-
हम सब के मन में प्रश्न आता है की हम कर्म करते हैं तो उसका फल तो मिलता ही है. तो ऐसा कैसे हो सकता है की उसका फल हमे ना मिले. इसी बात को भगवान हमें समझाने का प्रयास करते हुए बता रहें हैं कि, यदि हम कर्म के फल में आसक्ति और उसका चिंतन छोड़ कर कर्म करते हैं तो, कर्म करते हुए भी हम उन कर्मों में बंधते नहीं है. इसे ही कर्म फल आसक्ति का त्याग कहा गया है. कभी कभी कुछ लोग खुद से चलाकी दिखाते हुए, फल का विचार किए बिना कर्म करने का ढोंग करते हैं, परन्तु वो किसी और से नहीं स्वयं से झूठ बोलते हैं, और जो व्यक्ति स्वयं से झूठ बोलता है, वो कभी कर्म फल की आसक्ति का त्याग नहीं कर सकता.
ज्योतिषाचार्य डॉ सुमित की ओर से प्रार्थना है, कि आपका दिन शुभ हो🙏🏻💐
सूर्य का दिन होता रविवार, सूर्य उपासना के लिए सूर्य चालीसा है सरल उपाय. सूर्य चालीसा पाठ करें.
कुंडली विश्लेषण के लिए लिंक को छू कर वेबसाइट के अपॉइंटमेंट सेक्शन में जाएँ.
अपने आराध्य देव को प्रसन्न करने के लिए, करें चालीसा पाठ. दिन के अनुसार करें या मन के अनुसार.
दुर्गा चालीसा , गणेश चालीसा, हनुमान चालीसा, संतोषी चालीसा, शिव चालीसा, सूर्य चालीसा, शनि चालीसा, विष्णु चालीसा, गायत्री चालीसा, काली चालीसा, शारदा चालीसा, खाटू श्याम चालीसा, श्री राम चालीसा, श्री महालक्ष्मी चालीसा, बगलामुखी चालीसा, श्री गौरी चालीसा, वैष्णों चालीसा, भैरव चालीसा, श्री ललिता चालीसा, सरस्वती चालीसा, श्री परशुराम चालीसा.

