aaj ki tithi

Aaj Ki Tithi:आज 28 may 2025 का कैलेन्डर: आज की तिथि…

(Aaj Ki Tithi) आज की तिथि : 

आज की तिथि (Aaj Ki Tithi) के साथ जानिए आज का पंचांग. हिन्दू कैलेंडर में मिलती है आपको (Aaj Ki Tithi) तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार की जानकारी. आपकी सुविधा के लिए इस पंचांग में आपको मिलेगी, राहु काल और दिशा शूल की पूरी जानकारी. 

(Geeta Gyan) आज का सुविचार और गीता ज्ञान (Aaj ka Suvichar) : 

गीता ज्ञान (Geeta Gyan) के सुविचार से होगा जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन, (Geeta Gyan) ज्ञान जीवन को  स्थिर करता है. ये ज्ञान भगवान श्री कृष्ण जी द्वारा दिया गया है. इस ज्ञान से जीवन में खुशियों की बारिश होती है. 

(Kutumb Prabodhan) कुटुंब प्रबोधन ज्ञान : 

कुटुम्ब प्रबोधन (Kutumb Prabodhan) से आप जानेंगे घर में प्यार बढ़ाने के उपाय. इन उपायों का पालन करने से आती है रिश्तों में मिठास. जीवन में धन के साथ परिवार के सुख का बहुत महत्व है. इसके लिए कुटुंब प्रबोधन (Kutumb Prabodhan) ज्ञान जरुरी है.

आज की तिथि (Aaj Ki Tithi):- ज्येष्ठ मास (शुक्ल पक्ष) द्वितीया 25:53 तक, बाद तृतीया. युगाब्द 5127, विक्रमी संवत् 2082 तदनुसार 28 मई 2025, दिन बुधवार.

आज का नक्षत्र – मृगशिरा 24:28 तक. 

आज का योग – धृति 19:07 तक. 

आज का करण – बालव 15:24 तक, बाद कौलव 25:53 तक.   

आज का शुभ मुहूर्त – 11:52 से 12:48 दोपहर तक. 

आज का राहुकाल – 12:20 से 14:04 दोपहर तक. 

आज का दिशा शूल – उत्तर दिशा.

(Kutumb Prabodhan) आज का कुटुंब प्रबोधन ज्ञान :-

माफ़ी माँगना कमजोरी नहीं, समझदारी है।

कलयुग के प्रधान देवता और हारे के सहारे की जय…

खाटू श्याम चालीसा पाठ से करें खाटू श्याम को प्रसन्न, चालीसा पाठ के लिए लिंक पर जाएँ. 

(Geeta Gyan) गीता ज्ञान चतुर्थ अध्याय श्लोक संख्या. 16.

किं कर्म किमकर्मेति कवयोऽप्यत्र मोहिताः ।

तत्ते कर्म प्रवक्ष्यामि यज्ज्ञात्वा मोक्ष्यसेऽशुभात्‌॥

व्याख्या-

कर्म क्या है? और अकर्म क्या है? इस प्रकार इसका निर्णय करने में बुद्धिमान पुरुष भी मोहित हो जाते हैं। इसलिए वह कर्मतत्व मैं तुझे भलीभाँति समझाकर कहूँगा, जिसे जानकर तू अशुभ से अर्थात कर्मबंधन से मुक्त हो जाएगा॥

(Geeta Gyan) आज का सुविचार और गीता ज्ञान (Aaj ka Suvichar) :-

गीता ज्ञान में हम सब धर्म अनुरागी बार बार कर्म के विषय में सुन रहें हैं. भगवान आज के गीता ज्ञान में स्पष्ट कर रहें हैं, कि कर्म क्या है. क्या केवल काम करने को ही कर्म कहते हैं इसी प्रकार के मन के प्रश्न अर्जुन के मन में भी आ रहें हैं, उन्हें समझते हुए श्री कृष्ण सबके लिए उस विषय को बताएंगे की कर्म कहते किसे हैं. कौनसे कर्म करने चाहिए और कौनसे कर्म नहीं करने चाहिएं ये निर्णय फिर हमें अपनी बुद्धि से करना होगा. 

ज्योतिषाचार्य Dr. Sumith की ओर से प्रार्थना है, कि आपका दिन शुभ हो🙏🏻💐

किसी भी तन्त्र का उपाय है केवल महाकाली चालीसा का पाठ. लिंक पर जाएँ. 

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अपने आराध्य देव को प्रसन्न करने के लिए, करें चालीसा पाठ. दिन के अनुसार करें या मन के अनुसार.

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