aaj ki tithi

Aaj Ki Tithi: आज 6 जुलाई का कैलेंडर: आज की तिथि एकादशी..

Aaj Ki Tithi: आज की तिथि: 

आज की तिथि Aaj Ki Tithi के साथ जानिए आज का पंचांग. हिन्दू कैलेंडर में मिलती है आपको Aaj Ki Tithi तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार की जानकारी. आपकी सुविधा के लिए इस पंचांग में आपको मिलेगी, राहु काल और दिशा शूल की पूरी जानकारी. 

Geeta Gyan: आज का सुविचार और गीता ज्ञान: Aaj ka Suvichar: 

गीता ज्ञान Geeta Gyan के सुविचार से होगा जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन, Geeta Gyan ज्ञान जीवन को  स्थिर करता है. ये ज्ञान भगवान श्री कृष्ण जी द्वारा दिया गया है. इस ज्ञान से जीवन में खुशियों की बारिश होती है. 

https://jyotishkundli.co.in/aaj-ka-rashifal-todays-horoscope-6-july-2025

Kutumb Prabodhan: कुटुंब प्रबोधन ज्ञान: 

कुटुम्ब प्रबोधन Kutumb Prabodhan से आप जानेंगे घर में प्यार बढ़ाने के उपाय. इन उपायों का पालन करने से आती है रिश्तों में मिठास. जीवन में धन के साथ परिवार के सुख का बहुत महत्व है. इसके लिए कुटुंब प्रबोधन Kutumb Prabodhan ज्ञान जरुरी है.

आज की तिथि (Aaj Ki Tithi):- अषाढ़ मास (शुक्ल पक्ष) एकादशी 21:14 तक, बाद द्वादशी. युगाब्द 5127, विक्रमी संवत् 2082 तदनुसार 6 जुलाई 2025, दिन रविवार.

रोज का पंचांग What’s App पर पानें के लिए अपना नाम और स्थान +91- 9911419079 पर भेजें.  

आज का नक्षत्र – विशाखा 22:40 तक. 

आज का योग – साध्य 21:26 तक. 

आज का करण – वणिज 08:08 तक, बाद विष्टि 21:14 तक.   

आज का शुभ मुहूर्त – 11:59 से 12:55 दोपहर तक. 

आज का राहुकाल – 17:41 से 19:26 शाम तक. 

आज का दिशा शूल – पश्निम दिशा.

आज का कुटुंब प्रबोधन ज्ञान (Kutumb Prabodhan):-

कोई भी छोटा नहीं, कोई भी बड़ा नहीं – सबका सम्मान।

सूर्य चालीसा से करें दिन की शुरुआत मिलेगा कीर्ति का वरदान..

सूर्य चालीसा पाठ के सुनें और पाएं मन की शांति…

गीता ज्ञान (Geeta Gyan) पंचम अध्याय श्लोक संख्या.15.

नादत्ते कस्यचित्पापं न चैव सुकृतं विभुः ।

अज्ञानेनावृतं ज्ञानं तेन मुह्यन्ति जन्तवः ॥

व्याख्या-

सर्वव्यापी परमेश्वर भी न किसी के पाप कर्म को और न किसी के शुभकर्म को ही ग्रहण करता है, किन्तु अज्ञान द्वारा ज्ञान ढँका हुआ है, उसी से सब अज्ञानी मनुष्य मोहित हो रहे हैं॥

आज का सुविचार और गीता ज्ञान (Aaj ka Suvichar) (Geeta Gyan):-

आज गीता ज्ञान में एक बार फिर बहुत ही गहरा विषय भगवान हमें बता रहें हैं. श्री कृष्ण कहते हैं, कि वो ना किसी के पुण्य कर्म स्वीकार करते हैं और ना ही किसी के पाप कर्म, उनका हमारे कर्मों से कोई लेना देना नहीं है. हमारे अंदर भी स्वयं एक सृष्टि है, हमारे कर्म लौट कर पाप और पुण्य का फल हमें ही देते हैं. अपने कर्मों के फल का भोग करने में हम दुखी हो कर भगवान को कोसते हैं, ये सही नहीं है मित्रों. क्योंकि हमारे कर्मों के लिए दोष किसी और का नहीं हमारे स्वभाव का है. 

घर का बाथरूम गलत दिशा में है, तो होता है घर में क्लेश।

ज्योतिषाचार्य Dr. Sumith की ओर से प्रार्थना है, कि आपका दिन शुभ हो🙏🏻💐

सूर्य वंशी श्री राम के रूप हैं परशु राम, सूर्य देव के दिन करें परशु राम चालीसा का पाठ… 

कुंडली विश्लेषण के लिए लिंक को छू कर वेबसाइट के अपॉइंटमेंट सेक्शन में जाएँ. 

अपने आराध्य देव को प्रसन्न करने के लिए, करें चालीसा पाठ. दिन के अनुसार करें या मन के अनुसार.

दुर्गा चालीसा , गणेश चालीसा, हनुमान चालीसा, संतोषी चालीसा, शिव चालीसा, सूर्य चालीसा, शनि चालीसा, विष्णु चालीसा, गायत्री चालीसा, काली चालीसा, शारदा चालीसा, खाटू श्याम चालीसा, श्री राम चालीसा, श्री महालक्ष्मी चालीसा, बगलामुखी चालीसा, श्री गौरी चालीसा, वैष्णों चालीसा, भैरव चालीसा, श्री ललिता चालीसा, सरस्वती चालीसा, श्री परशुराम चालीसा.