Aaj Ki Tithi: आज की तिथि:
आज की तिथि Aaj Ki Tithi के साथ जानिए आज का पंचांग. हिन्दू कैलेंडर में मिलती है आपको Aaj Ki Tithi तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार की जानकारी. आपकी सुविधा के लिए इस पंचांग में आपको मिलेगी, राहु काल और दिशा शूल की पूरी जानकारी.
Geeta Gyan: आज का सुविचार और गीता ज्ञान Aaj ka Suvichar :
गीता ज्ञान Geeta Gyan के सुविचार से होगा जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन, Geeta Gyan ज्ञान जीवन को स्थिर करता है. ये ज्ञान भगवान श्री कृष्ण जी द्वारा दिया गया है. इस ज्ञान से जीवन में खुशियों की बारिश होती है.
Kutumb Prabodhan: कुटुंब प्रबोधन ज्ञान :
कुटुम्ब प्रबोधन Kutumb Prabodhan से आप जानेंगे घर में प्यार बढ़ाने के उपाय. इन उपायों का पालन करने से आती है रिश्तों में मिठास. जीवन में धन के साथ परिवार के सुख का बहुत महत्व है. इसके लिए कुटुंब प्रबोधन Kutumb Prabodhan ज्ञान जरुरी है.
आज की तिथि (Aaj Ki Tithi):- अषाढ़ मास (कृष्ण पक्ष) त्रयोदशी 22:09 तक, बाद चतुर्दशी. युगाब्द 5127, विक्रमी संवत् 2082 तदनुसार 23 जून 2025, दिन सोमवार.
रोज का पंचांग What’s App पर पानें के लिए अपना नाम और स्थान +91- 9911419079 पर भेजें.
आज का नक्षत्र – कृत्तिका 15:15 तक.
आज का योग – धृति 13:16 तक.
आज का करण – गर 11:54 तक, बाद वणिज 22:09 तक.
आज का शुभ मुहूर्त – 11:57 से 12:53 दोपहर तक.
आज का राहुकाल – 07:09 से 08:55 सुबह तक.
आज का दिशा शूल – पूर्व दिशा.
आज का कुटुंब प्रबोधन ज्ञान (Kutumb Prabodhan):-
परिवार में वृक्षारोपण की परंपरा शुरू करें।
शिव से ही ये संसार पूर्ण होता है. क्योंकि वो ही आदि है वो ही मध्य और वो ही अंत.
शिव चालीसा पाठ से मनाएं देवों के देव महादेव को.
गीता ज्ञान (Geeta Gyan) पंचम अध्याय श्लोक संख्या. 1.
अर्जुन उवाच
सन्न्यासं कर्मणां कृष्ण पुनर्योगं च शंससि ।
यच्छ्रेय एतयोरेकं तन्मे ब्रूहि सुनिश्चितम् ॥
व्याख्या-
अर्जुन बोले- हे कृष्ण! आप कर्मों के संन्यास की और फिर कर्मयोग की प्रशंसा करते हैं। इसलिए इन दोनों में से जो एक मेरे लिए भलीभाँति निश्चित कल्याणकारक साधन हो, उसको कहिए॥
आज का सुविचार और गीता ज्ञान (Aaj ka Suvichar) (Geeta Gyan):-
आज गीता ज्ञान की श्रंखला में पंचम अध्याय शुरू हो रहा है, इस अध्याय के शुरू में ही अर्जुन भगवान जी से ऐसा प्रश्न कर रहा है जिसका द्वंद्ध कुछ दिन से सबके मन में चल रहा होगा. अर्जुन कहता है, हे भगवान आप कभी तो सन्यास को सही बताते हैं कभी कर्म करने को सही बताते हैं. और ऐसा ही हम सब साधारण बुद्धि के लोग भी समझते हैं. मित्रों हमें ये जान लेना चाहिए की सन्यास कर्म ना करने का नाम नहीं है, कर्मों के फल से आसक्ति का त्याग ही संस्यास का दूसरा नाम है. इस अध्याय में हम भगवान जी से इसी विषय को विस्तार से समझेंगें.
ज्योतिषाचार्य Dr. Sumith की ओर से प्रार्थना है, कि आपका दिन शुभ हो🙏🏻💐
शिव करते हैं जिनका ध्यान वो हैं श्री राम. श्री राम चालीसा पाठ से मिलती है शिव की कृपा…
कुंडली विश्लेषण के लिए लिंक को छू कर वेबसाइट के अपॉइंटमेंट सेक्शन में जाएँ.
अपने आराध्य देव को प्रसन्न करने के लिए, करें चालीसा पाठ. दिन के अनुसार करें या मन के अनुसार.
दुर्गा चालीसा , गणेश चालीसा, हनुमान चालीसा, संतोषी चालीसा, शिव चालीसा, सूर्य चालीसा, शनि चालीसा, विष्णु चालीसा, गायत्री चालीसा, काली चालीसा, शारदा चालीसा, खाटू श्याम चालीसा, श्री राम चालीसा, श्री महालक्ष्मी चालीसा, बगलामुखी चालीसा, श्री गौरी चालीसा, वैष्णों चालीसा, भैरव चालीसा, श्री ललिता चालीसा, सरस्वती चालीसा, श्री परशुराम चालीसा.

