Aaj Ki Tithi: आज की तिथि :
आज की तिथि Aaj Ki Tithi के साथ जानिए आज का पंचांग. हिन्दू कैलेंडर में मिलती है आपको Aaj Ki Tithi तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार की जानकारी. आपकी सुविधा के लिए इस पंचांग में आपको मिलेगी, राहु काल और दिशा शूल की पूरी जानकारी.
Geeta Gyan: आज का सुविचार और गीता ज्ञान (Aaj ka Suvichar) :
गीता ज्ञान Geeta Gyan के सुविचार से होगा जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन, Geeta Gyan ज्ञान जीवन को स्थिर करता है. ये ज्ञान भगवान श्री कृष्ण जी द्वारा दिया गया है. इस ज्ञान से जीवन में खुशियों की बारिश होती है.
Kutumb Prabodhan: कुटुंब प्रबोधन ज्ञान :
कुटुम्ब प्रबोधन Kutumb Prabodhan से आप जानेंगे घर में प्यार बढ़ाने के उपाय. इन उपायों का पालन करने से आती है रिश्तों में मिठास. जीवन में धन के साथ परिवार के सुख का बहुत महत्व है. इसके लिए कुटुंब प्रबोधन Kutumb Prabodhan ज्ञान जरुरी है.
आज की तिथि (Aaj Ki Tithi):- ज्येष्ठ मास (शुक्ल पक्ष) त्रयोदशी 09:35 तक बाद चतुर्दशी . युगाब्द 5127, विक्रमी संवत् 2082 तदनुसार 9 जून 2025, दिन सोमवार.
रोज का पंचांग What’s App पर पानें के लिए अपना नाम और स्थान +91- 9911419079 पर भेजें.
Jyotishkundli.co.in की ओर से मिशन सिन्दूर की सफलता पर पाएं 14/15 जून को किसी भी एक प्रश्न का ज्योतिषीय समाधान। अपने What’s App पर। अपनी डिटेल्स भेजें +91-9911419079 पर।
आज का नक्षत्र – विशाखा 15:30 तक.
आज का योग – शिव 13:07 तक.
आज का करण – तैतिल 09:35 तक, बाद गर 22:37 तक.
आज का शुभ मुहूर्त – 11:54 से 12:49 दोपहर तक.
आज का राहुकाल -10:37 से 12:22 दोपहर तक.
आज का दिशा शूल – पश्चिम दिशा.
आज का कुटुंब प्रबोधन ज्ञान (Kutumb Prabodhan):-
अनुभव और उत्साह का मेल ही परिवार की सुंदरता है।
शिव ही केवल सत्य है, और शिव ही शून्य का प्रतीक है.
शिव चालीसा पाठ से जीवन में सत्य का आचरण करते हुए शिव को प्राप्त करें.
गीता ज्ञान (Geeta Gyan) चतुर्थ अध्याय श्लोक संख्या.28.
द्रव्ययज्ञास्तपोयज्ञा योगयज्ञास्तथापरे ।
स्वाध्यायज्ञानयज्ञाश्च यतयः संशितव्रताः ॥
व्याख्या-
कई पुरुष द्रव्य संबंधी यज्ञ करने वाले हैं, कितने ही तपस्या रूप यज्ञ करने वाले हैं तथा दूसरे कितने ही योगरूप यज्ञ करने वाले हैं, कितने ही अहिंसादि तीक्ष्णव्रतों से युक्त यत्नशील पुरुष स्वाध्यायरूप ज्ञानयज्ञ करने वाले हैं॥
आज का सुविचार और गीता ज्ञान (Aaj ka Suvichar) (Geeta Gyan):-
आज के गीता ज्ञान में भगवान श्री कृष्ण सनातन परम्परा में किये जानें वाले कर्मों के विषय में चर्चा करते हुए बता रहें हैं, कि भगवान की प्राप्ति में लगे हुए लोगों नें अलग अलग रस्ते चुनें हैं, कोई द्रव्य द्वारा यज्ञ कर रहा है, कोई तपस्या कर रहा है, कोई योग द्वारा ईश्वर प्राप्ति करना चाहता है, तो कोई अहिंसा के मार्ग का आचरण कर रहा है, कोई स्वाध्याय के द्वारा, कोई पूजा-पाठ के द्वारा, तो कोई ध्यान योग के द्वारा ईश्वर प्राप्ति के मार्ग में लगा हुआ है. ईश्वर की प्राप्ति सबको होती है. सब अपनी अपनी जुरुरत के अनुसार अलग अलग पद्धति का आचरण कर रहें हैं. इस लिए हमे भी अपने ज्ञान और विवेक के बल पर अपने लिए ईश्वर प्राप्ति के उपयुक्त मार्ग का चुनाव करना चाहिए.
ज्योतिषाचार्य Dr. Sumit की ओर से प्रार्थना है, कि आपका दिन शुभ हो🙏🏻💐
शिव की उपासन के साथ करें शक्ति की उपासना. दुर्गा चालीसा के साथ पाएं घर में शांति का वरदान.
कुंडली विश्लेषण के लिए लिंक को छू कर वेबसाइट के अपॉइंटमेंट सेक्शन में जाएँ.
अपने आराध्य देव को प्रसन्न करने के लिए, करें चालीसा पाठ. दिन के अनुसार करें या मन के अनुसार.
दुर्गा चालीसा , गणेश चालीसा, हनुमान चालीसा, संतोषी चालीसा, शिव चालीसा, सूर्य चालीसा, शनि चालीसा, विष्णु चालीसा, गायत्री चालीसा, काली चालीसा, शारदा चालीसा, खाटू श्याम चालीसा, श्री राम चालीसा, श्री महालक्ष्मी चालीसा, बगलामुखी चालीसा, श्री गौरी चालीसा, वैष्णों चालीसा, भैरव चालीसा, श्री ललिता चालीसा, सरस्वती चालीसा, श्री परशुराम चालीसा.

