aaj ki tithi

Aaj Ki Tithi: 3 जून 2025 का कैलेंडर. आज की तिथि…

Aaj Ki Tithi: आज की तिथि : 

आज की तिथि Aaj Ki Tithi के साथ जानिए आज का पंचांग. हिन्दू कैलेंडर में मिलती है आपको Aaj Ki Tithi तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार की जानकारी. आपकी सुविधा के लिए इस पंचांग में आपको मिलेगी, राहु काल और दिशा शूल की पूरी जानकारी.

 

Geeta Gyan: आज का सुविचार और गीता ज्ञान Aaj ka Suvichar : 

गीता ज्ञान (Geeta Gyan) के सुविचार से होगा जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन, (Geeta Gyan) ज्ञान जीवन को  स्थिर करता है. ये ज्ञान भगवान श्री कृष्ण जी द्वारा दिया गया है. इस ज्ञान से जीवन में खुशियों की बारिश होती है. 

Kutumb Prabodhan कुटुंब प्रबोधन ज्ञान : 

कुटुम्ब प्रबोधन (Kutumb Prabodhan) से आप जानेंगे घर में प्यार बढ़ाने के उपाय. इन उपायों का पालन करने से आती है रिश्तों में मिठास. जीवन में धन के साथ परिवार के सुख का बहुत महत्व है. इसके लिए कुटुंब प्रबोधन (Kutumb Prabodhan) ज्ञान जरुरी है.

रोज का पंचांग What’s App पर पानें के लिए अपना नाम और स्थान +91- 9911419079 पर भेजें. 

https://jyotishkundli.co.in/aaj-ka-rashifal-todays-horoscope-3-june-2025

आज की तिथि (Aaj Ki Tithi):- ज्येष्ठ मास (शुक्ल पक्ष) अष्टमी 21:55 तक, बाद नवमी. युगाब्द 5127, विक्रमी संवत् 2082 तदनुसार 3 जून 2025, दिन मंगलवार.

आज का नक्षत्र – पूर्वाफाल्गुनी 24:57 तक. 

आज का योग – हर्षण 08:07 तक. 

आज का करण – विष्टि 09:09 तक, बाद बव 21:55 तक.   

आज का शुभ मुहूर्त – 11:53 से 12:49 दोपहर तक. 

आज का राहुकाल – 15:50 से 17:34 शाम तक. 

आज का दिशा शूल – उत्तर दिशा.

आज का कुटुंब प्रबोधन ज्ञान (Kutumb Prabodhan):-

घर में नियमितता और अनुशासन जरूरी है।

मंगल को जन्मे और मंगल को करते हैं कल्याण…  

श्री हनुमान चालीसा पाठ से करें दिन की शुरुआत.

गीता ज्ञान (Geeta Gyan) चतुर्थ अध्याय श्लोक संख्या. 22.

यदृच्छालाभसंतुष्टो द्वंद्वातीतो विमत्सरः ।

समः सिद्धावसिद्धौ च कृत्वापि न निबध्यते ॥

व्याख्या-

जो बिना इच्छा के अपने-आप प्राप्त हुए पदार्थ में सदा संतुष्ट रहता है, जिसमें ईर्ष्या का सर्वथा अभाव हो गया हो, जो हर्ष-शोक आदि द्वंद्वों से सर्वथा अतीत हो गया है- ऐसा सिद्धि और असिद्धि में सम रहने वाला कर्मयोगी कर्म करता हुआ भी उनसे नहीं बँधता॥

Geeta Gyan आज का सुविचार और गीता ज्ञान (Aaj ka Suvichar):-

हम सब के मन में ये प्रश्न आना सम्भव है कि ये कर्म योगी होता कैसा है. जब भगवान निष्काम कर्म की बात करते हैं तो हमें सब को लगता है की,कामना के बिना कार्य कैसे संभव हो सकता है, क्योंकि हम सब कामी हैं. आज इन्ही सब शंकाओं का समाधान श्री कृष्ण दें रहें हैं. आज भगवान कर्म योगी का लक्ष्ण बता रहें हैं. भगवान कहते हैं, कि जो मनुष्य कर्म बन्धनों से मुक्त हो चुका है, जिसे फल की चिंता ही नहीं है, जितना मिला उसी में जो संतुष्ट हो चुका है. वास्तव में उसे ही कर्म योगी समझना चाहिए. जिसकी कर्मों में आसक्ति केवल कर्म को करने के लिए है, उनके फल के लिए नहीं है, वो ही कर्म योगी समझा जाता है. जिसे कर्मों का दोष भी नहीं छू पाता उसे कर्म योगी कहा जाता है. 

ज्योतिषाचार्य Dr. Sumith की ओर से प्रार्थना है, कि आपका दिन शुभ हो🙏🏻💐

हनुमान जी के स्वामी राम को मनाया तो हनुमान स्वयं आते हैं, करें श्री राम चालीसा पाठ केवल एक क्लिक में.

 

कुंडली विश्लेषण के लिए लिंक को छू कर वेबसाइट के अपॉइंटमेंट सेक्शन में जाएँ. 

अपने आराध्य देव को प्रसन्न करने के लिए, करें चालीसा पाठ. दिन के अनुसार करें या मन के अनुसार.

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