aaj ki tithi

आज की तिथि: आज 30 May 2025 का पंचांग: Aaj Ki Tithi…

Aaj Ki Tithi: आज की तिथि : 

Aaj Ki Tithi: आज की तिथि के साथ जानिए आज का पंचांग. हिन्दू कैलेंडर में मिलती है आपको (Aaj Ki Tithi) तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार की जानकारी. आपकी सुविधा के लिए इस पंचांग में आपको मिलेगी, राहु काल और दिशा शूल की पूरी जानकारी. 

Aaj ka Suvichar : आज का सुविचार और गीता ज्ञान Geeta Gyan :  

Geeta Gyan गीता ज्ञान के सुविचार से होगा जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन, (Geeta Gyan) ज्ञान जीवन को  स्थिर करता है. ये ज्ञान भगवान श्री कृष्ण जी द्वारा दिया गया है. इस ज्ञान से जीवन में खुशियों की बारिश होती है. 

Kutumb Prabodhan: कुटुंब प्रबोधन ज्ञान : 

कुटुम्ब प्रबोधन (Kutumb Prabodhan) से आप जानेंगे घर में प्यार बढ़ाने के उपाय. इन उपायों का पालन करने से आती है रिश्तों में मिठास. जीवन में धन के साथ परिवार के सुख का बहुत महत्व है. इसके लिए कुटुंब प्रबोधन (Kutumb Prabodhan) ज्ञान जरुरी है.

आज की तिथि (Aaj Ki Tithi):- ज्येष्ठ मास (शुक्ल पक्ष) चतुर्थी 21:22 तक, बाद पंचमी. युगाब्द 5127, विक्रमी संवत् 2082 तदनुसार 30 मई 2025, दिन शुक्रवार.

आज का नक्षत्र – पुनर्वसु 21:28 तक. 

आज का योग – गण्ड 12:55 तक. 

आज का करण – वणिज 10:14 तक, बाद विष्टि 21:22 तक.   

आज का शुभ मुहूर्त – 11:52 से 12:48 दोपहर तक. 

आज का राहुकाल – 10:36 से 12:20 दोपहर तक. 

आज का दिशा शूल – पश्चिम दिशा.

आज का कुटुंब प्रबोधन ज्ञान (Kutumb Prabodhan):-

बच्चों के भावों को समझें, न कि दबाएं।

संतोषी माता को प्रसन्न करें और घर में पाएं सुख शांति का वरदान.  

संतोषी चालीसा पाठ से करें दिन की शुरुआत, संतोषी चालीसा पाठ के लिए लिंक पर जाएँ. 

गीता ज्ञान (Geeta Gyan) चतुर्थ अध्याय श्लोक संख्या. 18.

कर्मण्य कर्म यः पश्येदकर्मणि च कर्म यः ।

स बुद्धिमान्मनुष्येषु स युक्तः कृत्स्नकर्मकृत्‌ ॥

व्याख्या-

जो मनुष्य कर्म में अकर्म देखता है और जो अकर्म में कर्म देखता है, वह मनुष्यों में बुद्धिमान है और वह योगी समस्त कर्मों को करने वाला है॥

आज का सुविचार और गीता ज्ञान (Aaj ka Suvichar) (Geeta Gyan):-

आज गीता ज्ञान में हमे पता लगेगा कि किस प्रकार आप कर्म करते हुए भी अर्कम को प्राप्त कर सकते हैं और, किस प्रकार कुछ लोग अकर्म में भी कर्म को देखते हैं. आपने देखा ही होगा किस प्रकार लोगों की आदत होती है, की ये मैंने किया है, जबकि उनको पता है वो कुछ भी नहीं कर सकते, उनकी आदत होती है वो कर्म फल का सारा श्रेय स्वयं लेना चाहते हैं, और दूसरी तरफ़ इस प्रकार के लोग भी होते हैं जो, सब कुछ अपने हाथों से करते हैं परन्तु जब फल प्राप्ति की बारी आती है तो कहते हैं की हमें कुछ नहीं किया सब भगवान की इच्छा से हुआ है ऐसे व्यक्ति कर्म कर के भी अकर्म को देखते हैं. ऐसे ही लोगों से आज भी समाज में कर्म करते हुए भी अकर्मण्यता जीवित है. हमें भी इसी प्रकार का जीवन अपनाना चाहिए. 

ज्योतिषाचार्य Dr. Sumith की ओर से प्रार्थना है, कि आपका दिन शुभ हो🙏🏻💐

शुक्रवार है लक्ष्मी माता को प्रसन्न करने का विशेष दिन. लक्ष्मी चालीसा पाठ के लिए लिंक पर जाएँ. 

कुंडली विश्लेषण के लिए लिंक को छू कर वेबसाइट के अपॉइंटमेंट सेक्शन में जाएँ. 

अपने आराध्य देव को प्रसन्न करने के लिए, करें चालीसा पाठ. दिन के अनुसार करें या मन के अनुसार.

दुर्गा चालीसा , गणेश चालीसा, हनुमान चालीसा, संतोषी चालीसा, शिव चालीसा, सूर्य चालीसा, शनि चालीसा, विष्णु चालीसा, गायत्री चालीसा, काली चालीसा, शारदा चालीसा, खाटू श्याम चालीसा, श्री राम चालीसा, श्री महालक्ष्मी चालीसा, बगलामुखी चालीसा, श्री गौरी चालीसा, वैष्णों चालीसा, भैरव चालीसा, श्री ललिता चालीसा, सरस्वती चालीसा, श्री परशुराम चालीसा.