Aaj Ki Tithi

Aaj Ki Tithi: आज 29 May 2025 का कैलेन्डर: आज का पंचांग…

Aaj Ki Tithi: आज की तिथि : 

आज की तिथि (Aaj Ki Tithi) के साथ जानिए आज का पंचांग. हिन्दू कैलेंडर में मिलती है आपको Aaj Ki Tithi तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार की जानकारी. आपकी सुविधा के लिए इस पंचांग में आपको मिलेगी, राहु काल और दिशा शूल की पूरी जानकारी. 

Geeta Gyan: आज का सुविचार और गीता ज्ञान Aaj ka Suvichar : 

Geeta Gyan गीता ज्ञान के सुविचार से होगा जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन, Geeta Gyan ज्ञान जीवन को  स्थिर करता है. ये ज्ञान भगवान श्री कृष्ण जी द्वारा दिया गया है. इस ज्ञान से जीवन में खुशियों की बारिश होती है. 

Kutumb Prabodhan: कुटुंब प्रबोधन ज्ञान  

कुटुम्ब प्रबोधन (Kutumb Prabodhan) से आप जानेंगे घर में प्यार बढ़ाने के उपाय. इन उपायों का पालन करने से आती है रिश्तों में मिठास. जीवन में धन के साथ परिवार के सुख का बहुत महत्व है. इसके लिए कुटुंब प्रबोधन (Kutumb Prabodhan) ज्ञान जरुरी है.

https://jyotishkundli.co.in/aaj-ka-rashifal-todays-horoscope-29-may-2025

आज की तिथि (Aaj Ki Tithi):- ज्येष्ठ मास (शुक्ल पक्ष) तृतीया 23:17 तक, बाद चतुर्थी. युगाब्द 5127, विक्रमी संवत् 2082 तदनुसार 29 मई 2025, दिन गुरुवार.

आज का नक्षत्र – आर्द्रा 22:27 तक. 

आज का योग – शूल 15:45 तक. 

आज का करण – तैतिल 12:31 तक, बाद गर 23:17 तक.   

आज का शुभ मुहूर्त – 11:52 से 12:48 दोपहर तक. 

आज का राहुकाल – 14:04 से 15:48 दोपहर तक. 

आज का दिशा शूल – दक्षिण दिशा.

Kutumb Prabodhan: आज का कुटुंब प्रबोधन ज्ञान :-

घर को तनावमुक्त क्षेत्र बनाएं।

 सभी सुख प्रदान करते हैं विष्णुभगवान. 

श्री विष्णु चालीसा पाठ से करें विष्णु भगवान को प्रसन्न, चालीसा पाठ के लिए लिंक पर जाएँ. 

Geeta Gyan: गीता ज्ञान चतुर्थ अध्याय श्लोक संख्या. 17.

कर्मणो ह्यपि बोद्धव्यं बोद्धव्यं च विकर्मणः ।

अकर्मणश्च बोद्धव्यं गहना कर्मणो गतिः ॥

व्याख्या-

कर्म का स्वरूप भी जानना चाहिए और अकर्मण का स्वरूप भी जानना चाहिए तथा विकर्म का स्वरूप भी जानना चाहिए क्योंकि कर्म की गति गहन है॥

Geeta Gyan: आज का सुविचार और गीता ज्ञान Aaj ka Suvichar :-

आज का गीता ज्ञान बहुत गहरी ज्ञान गंगा के साथ प्रवाहित होने वाला है. आज श्री कृष्ण जी कर्म को 3 वर्गों में विभाजित करते हुए बता रहें हैं, कि हमे या तो कुछ नहीं करना है, या फिर कुछ तो करना ही है, या फिर कुछ विशेष करना होगा. इसी को अकर्म, सुकर्म और विकर्म कहते हैं, इसमें भगवान जी आगे इसकी व्याख्या विस्तार से करेंगे की किस कर्म का किस प्रकार का फल मिलता है. परन्तु इसमें एक विशेष बात ये है, कि जो ये संकल्प करता है की मैं कुछ नहीं करूँगा, वो व्यक्ति भी अपने संकल्प को पूरा कर रहा होता है, कुछ ना करने के संकल्प को पूरा करना भी कर्म ही है. 

ज्योतिषाचार्य Dr. Sumith की ओर से प्रार्थना है, कि आपका दिन शुभ हो🙏🏻💐

किसी भी तन्त्र का उपाय है केवल बगलामुखी चालीसा का पाठ. लिंक पर जाएँ. 

कुंडली विश्लेषण के लिए लिंक को छू कर वेबसाइट के अपॉइंटमेंट सेक्शन में जाएँ. 

अपने आराध्य देव को प्रसन्न करने के लिए, करें चालीसा पाठ. दिन के अनुसार करें या मन के अनुसार.

दुर्गा चालीसा , गणेश चालीसा, हनुमान चालीसा, संतोषी चालीसा, शिव चालीसा, सूर्य चालीसा, शनि चालीसा, विष्णु चालीसा, गायत्री चालीसा, काली चालीसा, शारदा चालीसा, खाटू श्याम चालीसा, श्री राम चालीसा, श्री महालक्ष्मी चालीसा, बगलामुखी चालीसा, श्री गौरी चालीसा, वैष्णों चालीसा, भैरव चालीसा, श्री ललिता चालीसा, सरस्वती चालीसा, श्री परशुराम चालीसा.