aaj ki tithi

Aaj Ki Tithi: आज 27 May 2025 का कैलेंडर: आज की तिथि…

(Aaj Ki Tithi) आज की तिथि: 

आज की तिथि (Aaj Ki Tithi) के साथ जानिए आज का पंचांग. हिन्दू कैलेंडर में मिलती है आपको (Aaj Ki Tithi) तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार की जानकारी. आपकी सुविधा के लिए इस पंचांग में आपको मिलेगी, राहु काल और दिशा शूल की पूरी जानकारी. 

(Geeta Gyan) आज का सुविचार और गीता ज्ञान (Aaj ka Suvichar): 

गीता ज्ञान (Geeta Gyan) के सुविचार से होगा जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन, (Geeta Gyan) ज्ञान जीवन को  स्थिर करता है. ये ज्ञान भगवान श्री कृष्ण जी द्वारा दिया गया है. इस ज्ञान से जीवन में खुशियों की बारिश होती है. 

(Kutumb Prabodhan) कुटुंब प्रबोधन ज्ञान: 

कुटुम्ब प्रबोधन (Kutumb Prabodhan) से आप जानेंगे घर में प्यार बढ़ाने के उपाय. इन उपायों का पालन करने से आती है रिश्तों में मिठास. जीवन में धन के साथ परिवार के सुख का बहुत महत्व है. इसके लिए कुटुंब प्रबोधन (Kutumb Prabodhan) ज्ञान जरुरी है.

आज की तिथि (Aaj Ki Tithi):- ज्येष्ठ मास (कृष्ण पक्ष) अमावस्या 08:31 तक, बाद ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष प्रतिपदा. युगाब्द 5127, विक्रमी संवत् 2082 तदनुसार 27 मई 2025, दिन मंगलवार.

आज का नक्षत्र – कृत्तिका 05:31तक बाद रोहिणी. 

आज का योग – सुकर्मा 22:52 तक. 

आज का करण – नाग 08:31तक, बाद किन्स्तुघन 18:44 तक.   

आज का शुभ मुहूर्त – 11:52 से 12:48 दोपहर तक. 

आज का राहुकाल – 15:48 से 17:31 दोपहर तक. 

आज का दिशा शूल – उत्तर दिशा.

https://jyotishkundli.co.in/aaj-ka-rashifal-todays-horoscope-27-may-2025

आज का कुटुंब प्रबोधन ज्ञान (Kutumb Prabodhan):-

गलतियाँ सुधारने का अवसर दें।

राम जी साथ जो हनुमान जी ना होते, तो राम जी के पूरे कभी काम नहीं होते..

हनुमान चालीसा पाठ से करें दिन की शुरुआत, चालीसा पाठ के लिए लिंक पर जाएँ. 

(Geeta Gyan) गीता ज्ञान चतुर्थ अध्याय श्लोक संख्या. 15.

एवं ज्ञात्वा कृतं कर्म पूर्वैरपि मुमुक्षुभिः ।

कुरु कर्मैव तस्मात्वं पूर्वैः पूर्वतरं कृतम्‌ ॥

व्याख्या-

पूर्वकाल में मुमुक्षुओं ने भी इस प्रकार जानकर ही कर्म किए हैं, इसलिए तू भी पूर्वजों द्वारा सदा से किए जाने वाले कर्मों को ही कर॥

(Geeta Gyan) आज का सुविचार और गीता ज्ञान (Aaj ka Suvichar):-

दुनियां के नियम कभी नहीं बदलते ऐसे सत्य को समझना बहुत जरुरी है. जैसे रात के बाद दिन और जन्म के बाद मृत्यु निश्चित है उसी प्रकार कर्म के बाद उसका फल निश्चित है. आज भगवान हमारे पूर्वजों द्वारा किए गए कर्मों और उनके कर्म फलों की हमें याद दिलवा रहें हैं, जिस प्रकार उन्होंने कर्म किया मेहनत की और उसका फल आज हम भी भोग रहें हैं, उसी प्रकार का निस्वार्थ भाव का कर्म हमें भी करना होगा. ताकि उसका फल ना केवल हम अपितु आने वाली संतान भी भोग सकें. 

ज्योतिषाचार्य Dr. Sumith की ओर से प्रार्थना है, कि आपका दिन शुभ हो🙏🏻💐

श्री राम चालीसा पाठ कर लिया तो, सेवक तो स्वयं प्रसन्न हो जायेंगे, श्री राम चालीसा पाठ के लिए लिंक पर जाएँ. 

कुंडली विश्लेषण के लिए लिंक को छू कर वेबसाइट के अपॉइंटमेंट सेक्शन में जाएँ. 

अपने आराध्य देव को प्रसन्न करने के लिए, करें चालीसा पाठ. दिन के अनुसार करें या मन के अनुसार.