aaj ki tithi

Aaj Ki Tithi: आज 21 May 2025 का कैलेंडर: आज की तिथि..

आज की तिथि (Aaj Ki Tithi): 

आज की तिथि (Aaj Ki Tithi) के साथ जानिए आज का पंचांग. हिन्दू कैलेंडर में मिलती है आपको (Aaj Ki Tithi) तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार की जानकारी. आपकी सुविधा के लिए इस पंचांग में आपको मिलेगी, राहु काल और दिशा शूल की पूरी जानकारी. 

आज का सुविचार और गीता ज्ञान (Aaj ka Suvichar) (Geeta Gyan): 

गीता ज्ञान (Geeta Gyan) के सुविचार से होगा जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन, (Geeta Gyan) ज्ञान जीवन को स्थिर करता है. ये ज्ञान भगवान श्री कृष्ण जी द्वारा दिया गया है. इस ज्ञान से जीवन में खुशियों की बारिश होती है. 

कुटुंब प्रबोधन ज्ञान (Kutumb Prabodhan): 

कुटुम्ब प्रबोधन (Kutumb Prabodhan) से आप जानेंगे घर में प्यार बढ़ाने के उपाय. इन उपायों का पालन करने से आती है रिश्तों में मिठास. जीवन में धन के साथ परिवार के सुख का बहुत महत्व है. इसके लिए कुटुंब प्रबोधन (Kutumb Prabodhan) ज्ञान जरुरी है. 

https://jyotishkundli.co.in/aaj-ka-rashifal-todays-horoscope-21-may-2025

आज की तिथि (Aaj Ki Tithi):- ज्येष्ठ मास (कृष्ण पक्ष) नवमी 27:21 तक, बाद दशमी, युगाब्द 5127, विक्रमी संवत् 2082 तदनुसार 21 मई 2025, दिन बुधवार.

आज का नक्षत्र – शतभिषा 18:57 तक. 

आज का योग – वैधृति 24:33 तक. 

आज का करण – तैतिल 16:12 तक, बाद गर 27:21 तक.   

आज का शुभ मुहूर्त – 11:52 से 12:47 दोपहर तक. 

आज का राहुकाल – 12:20 से 14:03 दोपहर तक. 

आज का दिशा शूल – उत्तर दिशा.

आज का कुटुंब प्रबोधन ज्ञान (Kutumb Prabodhan):-

बच्चों को कार्य करना सिखाएं, आदेश नहीं दें।

ज्ञान और बुद्धि के देवता हैं श्री गणेशजी. 

गणेश चालीसा पाठ से करे गणेश जी को प्रसन्न , चालीसा पाठ के लिए लिंक पर जाएँ. 

गीता ज्ञान (Geeta Gyan) चतुर्थ अध्याय श्लोक संख्या.9.

जन्म कर्म च मे दिव्यमेवं यो वेत्ति तत्वतः ।

त्यक्तवा देहं पुनर्जन्म नैति मामेति सोऽर्जुन ॥

व्याख्या-

हे अर्जुन! मेरे जन्म और कर्म दिव्य अर्थात निर्मल और अलौकिक हैं- इस प्रकार जो मनुष्य तत्व से (सर्वशक्तिमान, सच्चिदानन्दन परमात्मा अज, अविनाशी और सर्वभूतों के परम गति तथा परम आश्रय हैं, वे केवल धर्म को स्थापन करने और संसार का उद्धार करने के लिए ही अपनी योगमाया से सगुणरूप होकर प्रकट होते हैं। इसलिए परमेश्वर के समान सुहृद्, प्रेमी और पतितपावन दूसरा कोई नहीं है, ऐसा समझकर जो पुरुष परमेश्वर का अनन्य प्रेम से निरन्तर चिन्तन करता हुआ आसक्तिरहित संसार में बर्तता है, वही उनको तत्व से जानता है।) जान लेता है, वह शरीर को त्याग कर फिर जन्म को प्राप्त नहीं होता, किन्तु मुझे ही प्राप्त होता है॥

आज का सुविचार और गीता ज्ञान (Aaj ka Suvichar) (Geeta Gyan):-

गीता ज्ञान में आज भगवान बता रहें हैं, कि मेरा जन्म धरती पर जन्म लेनें वाले इंसानों जैसा नहीं है. मेरा जन्म तो अलौकिक हैं. मेरा जन्म मेरी स्वयं की इच्छा से होता है. मुझे मनुष्यों की कर्मों के आधार पर जन्म नही लेना पड़ता, क्योंकि मैं तो कर्म फल से परे हूँ. ये रहस्य बहुत गहरा है अगर इसे मनुष्य समझ लेता है तो, फिर कुछ और जानना  शेष नहीं रह जाता. ज्ञान की बात आसानी से समझ आ जाएं तो फिर वो ज्ञान ही कैसा. ज्ञान सुननें से नहीं समझने से समझ आता है. इस लिए मुझे समझने वाला भी विरला ही होता है. 

ज्योतिषाचार्य डॉ सुमित की ओर से प्रार्थना है, कि आपका दिन शुभ हो🙏🏻💐

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